शिक्षक भावी पीढ़ी के मार्गदर्शक : अपने ज्ञान से विद्यार्थियों के व्यक्तित्व का करते हे निर्माण, देवनानी ने कहा- बदलते समय में शिक्षकों की भूमिका अधिक महत्वपूर्ण
संस्कृति में गुरु को सदैव सर्वोच्च सम्मान दिया
जयपुर। राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने राष्ट्र निर्माण में शिक्षकों की भूमिका महत्वपूर्ण और प्रेरणादायी बताते हुए कहा है कि शिक्षक केवल ज्ञान प्रदान करने वाला व्यक्ति नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र के भविष्य को दिशा देने वाला मार्गदर्शक भी होता है। देवनानी ने शिक्षक दिवस के अवसर पर प्रदेश के सभी शिक्षकों एवं शिक्षाविदों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं देते हुए यह बात कही। उन्होंने कहा कि शिक्षक अपने ज्ञान, संस्कार और अनुभव से विद्यार्थियों के व्यक्तित्व का निर्माण करता है तथा उन्हें जिम्मेदार नागरिक बनने की प्रेरणा देता है। राष्ट्र निर्माण में शिक्षकों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण और प्रेरणादायी है।
उन्होंने कहा कि भारत की प्राचीन गुरु-शिष्य परंपरा विश्व की समृद्धतम परंपराओं में से एक रही है। हमारी संस्कृति में गुरु को सदैव सर्वोच्च सम्मान दिया गया है। शिक्षक समाज की उस आधारशिला को सुदृढ़ करते हैं, जिस पर सशक्त, संस्कारित और विकसित राष्ट्र का निर्माण होता है। उन्होंने कहा कि भारत के पूर्व राष्ट्रपति, महान शिक्षाविद् और दार्शनिक डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयंती शिक्षक दिवस के रूप में मनाई जाती है। उनका जीवन शिक्षा के प्रति समर्पण, ज्ञान की साधना और मानवीय मूल्यों का अनुपम उदाहरण है। उनके विचार आज भी शिक्षकों और विद्यार्थियों के लिए प्रेरणास्रोत हैं।
देवनानी ने कहा कि बदलते समय और आधुनिक तकनीक के दौर में शिक्षकों की भूमिका और अधिक महत्वपूर्ण हो गई है। शिक्षा का उद्देश्य केवल जानकारी प्रदान करना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों में नैतिक मूल्यों, अनुशासन, संवेदनशीलता, नवाचार और राष्ट्र के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित करना भी है। उन्होंने शिक्षक दिवस के अवसर पर प्रदेश के सभी शिक्षकों के प्रति सम्मान और कृतज्ञता व्यक्त करते हुए कहा कि उनके समर्पण, परिश्रम और योगदान से ही भावी पीढ़ी सशक्त, सक्षम और संस्कारित बनती है। उन्होंने सभी शिक्षकों से आह्वान किया कि वे ज्ञान के साथ-साथ विद्यार्थियों में भारतीय संस्कृति, नैतिक मूल्यों और राष्ट्र के प्रति कर्तव्यबोध का भी संस्कार विकसित करें।

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