अमेरिकी और इजरायली को नाराज करने से बच रही सरकार : खामेनेई की मौत पर मौन क्यों? जयराम बोले वजह बताएं सरकार
खामेनेई की मौत पर चुप्पी: कांग्रेस ने मोदी सरकार को घेरा
जयराम रमेश ने आयतुल्लाह खामेनेई की हत्या पर सरकार के "मौन" पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने याद दिलाया कि रईसी की मृत्यु पर राजकीय शोक घोषित करने वाली भाजपा सरकार अब अमेरिका-इजरायल को नाराज करने से डर रही है। कांग्रेस ने संसद में शोक प्रस्ताव न लाने को कूटनीतिक विफलता और भेदभावपूर्ण व्यवहार करार दिया।
नई दिल्ली। कांग्रेस ने कहा है कि ईरान के पूर्व राष्ट्रपति इब्राहिम रईसी की रहस्यमई हवाई दुर्घटना में मृत्यु पर राजकीय शोक की घोषणा करने वाली मोदी सरकार को बताना चाहिए कि अब वह हमले में मारे गये ईरान के सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह खामेनेई की मौत पर मौन क्यों है।
कांग्रेस संचार विभाग के प्रभारी जयराम रमेश ने शुक्रवार को सोशल मीडिया एक्स पर एक पोस्ट में कहा, ईरान के संवैधानिक प्रमुख आयतुल्लाह खामेनेई की 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल द्वारा हत्या कर दी गयी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी मौन हैं। विदेश मंत्री एस जयशंकर मौन हैं। संसद में अब तक इस पर शोक प्रस्ताव तक नहीं रखा गया है। उन्होंने कहा कि भारत ने खाड़ी देशों पर ईरान के हमलों की सही रूप से निंदा की है, लेकिन ईरान पर हुए अमेरिका और इजरायल के हमले पर पूरी तरह चुप्पी साध रखी है। यह भी याद रखा जाना चाहिए कि ईरान ब्रिक्स का हिस्सा है जिसकी अध्यक्षता इस वर्ष भारत के पास है।
कांग्रेस नेता ने कहा कि मई 2024 में ईरान के राष्ट्रपति इब्राहिम रईसी की एक रहस्यमय हेलीकॉप्टर दुर्घटना में मृत्यु हो गई थी। तब मोदी सरकार ने 21 मई 2024 को एक दिन के राजकीय शोक की घोषणा की थी और संसद में एक जुलाई 2024 को (जब सत्र शुरू हुआ) शोक प्रस्ताव भी रखा गया था।
उन्होंने सवाल करते हुए कहा, अब यह हिचकिचाहट क्यों। इसमें कोई संदेह नहीं कि एक समझौतावादी प्रधानमंत्री अपने अमेरिकी और इजरायली दोस्तों को नाराज करने से बचना चाहते हैं।

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