राजस्थान हाईकोर्ट ने समान मुद्दे पर नई अतिक्रमण याचिका की खारिज, पूर्व याचिका पर सुनवाई जारी रखने का निर्देश
नई याचिका के जरिए चुनौती देने को गंभीर माना
राजस्थान हाईकोर्ट ने क्वींस रोड के अतिक्रमण मामले में लंबित याचिका के बावजूद समान मुद्दे पर नई याचिका दायर करने को गंभीर मानते हुए खारिज की। याचिकाकर्ताओं पर 20,000 रुपए का हर्जाना। एक्टिंग सीजे संजीव प्रकाश शर्मा और जस्टिस शुभा मेहता की खंडपीठ ने न्यायिक प्रक्रिया का दुरुपयोग होने का भी उल्लेख।
जयपुर। राजस्थान हाईकोर्ट ने अतिक्रमण को लेकर लंबित याचिका के बावजूद भी समान याचिकाकर्ता की ओर से उसी जगह के अतिक्रमण को नई याचिका के जरिए चुनौती देने को गंभीर माना है। इसके साथ ही अदालत ने इस याचिका को खारिज करते हुए याचिकाकर्ताओं पर बीस हजार रुपए का हर्जाना लगा दिया है। एक्टिंग सीजे संजीव प्रकाश शर्मा और जस्टिस शुभा मेहता की खंडपीठ ने यह आदेश विजय कुमार बोयत व तीन अन्य की ओर से दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए दिए।
सुनवाई के दौरान जेडीए की ओर से अधिवक्ता अमित कुड़ी ने कहा कि समान मुद्दे पर याचिकाकर्ता की जनहित याचिका लंबित चल रही है। ऐसे में नई याचिका में उन्हीं बिंदुओं को उठाना न्यायिक प्रक्रिया का दुरुपयोग की श्रेणी में आता है। इस पर अदालत ने कहा कि याचिका क्वींस रोड और उसके आसपास के इलाके में हुए अतिक्रमण को हटाने के लिए दायर की गई है और पूर्व की याचिका में भी यह मामला उठाया गया था और उस पर सुनवाई चल रही है। ऐसे में समान मुद्दे पर नई याचिका दायर करने की अनुमति नहीं दी जा सकती है।

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