राजस्व अर्जन में 7.10% वृद्धि, विभागवार प्रगति की निगरानी के लिए बनेगी समिति
योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में भी मदद मिलेगी
राज्य सरकार ने चालू वित्तीय वर्ष में राजस्व अर्जन में गत वर्ष की समान अवधि की तुलना में 7.10% की वृद्धि दर्ज। आबकारी विभाग में नीतिगत सुधारों से 7.52% अधिक राजस्व। सरकार ने सभी विभागों के राजस्व लक्ष्यों की निगरानी के लिए समिति गठित करने और विकास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को सुदृढ़ करने की योजना बनाई।
जयपुर। राज्य सरकार को चालू वित्तीय वर्ष में गत वर्ष की समान अवधि की तुलना में राजस्व अर्जन में 7.10 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। सरकार का कहना है कि विभिन्न विभागों की कार्ययोजनाओं और नीतिगत सुधारों के चलते राजस्व संग्रह में यह बढ़ोतरी संभव हो पाई है।
राजस्व अर्जन को और बेहतर बनाने के उद्देश्य से राज्य सरकार सभी विभागों के राजस्व लक्ष्यों की प्राप्ति की नियमित निगरानी के लिए एक समिति का गठन भी करेगी। यह समिति विभागवार प्रगति का आकलन करते हुए समय-समय पर समीक्षा करेगी और आवश्यक सुझाव देगी, ताकि निर्धारित लक्ष्यों को समय पर हासिल किया जा सके।
इधर, आबकारी विभाग में किए गए नीतिगत सुधारों का भी सकारात्मक असर देखने को मिला है। नई आबकारी नीति के तहत किए गए बदलावों के कारण इस वर्ष आबकारी से प्राप्त राजस्व में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। चालू वित्तीय वर्ष में आबकारी से मिलने वाला राजस्व पिछले वित्तीय वर्ष की तुलना में लगभग 7.52 प्रतिशत अधिक रहा है।
सरकार का मानना है कि राजस्व अर्जन में निरंतर वृद्धि से विकास योजनाओं के लिए वित्तीय संसाधन मजबूत होंगे और विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में भी मदद मिलेगी।

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