एलपीजी संकट से मचा हड़कंप : इंडक्शन चूल्हों की मांग में 50 प्रतिशत का इजाफा, जयपुर के रेस्टोरेंट-केटरिंग-हलवाई अब बिजली पर निर्भर
1500 से 4500 रुपए तक उपलब्ध, लेकिन स्टॉक पर दबाव
पश्चिम एशिया में संघर्ष के कारण कमर्शियल एलपीजी सिलिंडर की कमी से जयपुर सहित राजस्थान में इंडक्शन चूल्हों की मांग अचानक बढ़ी। जयंती बाजार व एमआई रोड की दुकानों पर बिक्री 50% बढ़ी। कैटरिंग, रेस्टोरेंट और हलवाई तेजी से इन्हें अपना रहे ।
जयपुर। पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के कारण कमर्शियल एलपीजी सिलिंडर की भारी किल्लत ने खाना पकाने का तरीका बदल दिया है। जयपुर समेत पूरे राज्य में घरेलू और व्यावसायिक उपयोगकर्ता अब इंडक्शन चूल्हे की ओर रुख कर रहे हैं। मात्र कुछ दिनों में इसकी मांग 50 प्रतिशत तक बढ़ गई है। जयंती बाजार, एमआई रोड सहित शहर के सभी शोरूम और इलेक्ट्रॉनिक दुकानों पर इंडक्शन चूल्हे की रिकॉर्ड बिक्री हो रही है।
इंडक्शन कुकर की खासियत :
- 90% तक एनर्जी एफिशिएंसी
- तेज कुकिंग
- पूर्ण सुरक्षा
- आसान सफाई
- प्रिसाइज टेम्परेचर कंट्रोल
यह खासियतें ही इसे घरेलू, कैटरिंग, रेस्टोरेंट और हलवाई उद्योग के लिए आदर्श बना रही हैं।
कैटरिंग, रेस्टोरेंट और हलवाई की मांग ज्यादा :
फैडरेशन ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्रीज इंडिया राजस्थान के अध्यक्ष सचिन गुप्ता ने बताया कि शहर में 6000-7000 रेस्टोरेंट, ढाबे और केटरिंग यूनिट्स में एलपीजी किल्लत के चलते ये इंडक्शन कुकर लगा रहे हैं।
1500 से 4500 रुपए तक उपलब्ध, लेकिन स्टॉक पर दबाव :
राजस्थान इलेक्ट्रॉनिक ट्रेडर्स एसोसिएशन (रेटा) अध्यक्ष सुरेश कालानी ने बताया कि बाजार में घरेलू मॉडल 1500 रुपए से शुरू होकर 4500 रुपए तक आसानी से मिल रहे हैं। ब्रांड्स जैसे पिजन, फिलिप्स, हैवल्स, केंट, ऊषा और वण्डरशेफ के मॉडल बिक रहे हैं। कमर्शियल यूज के लिए थोड़े महंगे वेरिएंट भी उपलब्ध हैं। लेकिन अचानक बढ़ी डिमांड के कारण लोकल मार्केट और ऑनलाइन दोनों जगह दबाव है। ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर शॉर्टेज! ज्यादातर प्लेटफार्म पर आउट ऑफ स्टॉक बता रहे है। फ्लिपकार्ट, अमेजन पर रिकॉर्ड बिक्री दर्ज की गई है।

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