ट्रंप का दावा : सटीक नहीं होते है ईरान के हथियार, कहा- खुद किया था बालिकाओं के स्कूल पर हमला
युद्ध में अब तक का सबसे घातक एकल हमला
ईरान के मिनाब शहर में लड़कियों के स्कूल पर हुए हमले में 175 लोगों, ज्यादातर बच्चों, की मौत के मामले में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिका की भूमिका से इनकार। ट्रंप ने कहा कि यह ईरान की त्रुटिपूर्ण मिसाइल का परिणाम। संयुक्त राष्ट्र ने घटना की कड़ी निंदा करते हुए इसे बच्चों और शिक्षा पर गंभीर हमला बताया।
वॉशिंगटन। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के मिनाब शहर में एक स्कूल पर हुए हमले में अमेरिका की जिम्मेदारी से इनकार करते हुए कहा है कि इसे ईरान ने खुद अंजाम दिया था। इस हमले में 175 लोगों की मौत हुई थी, जिनमें अधिकांश बच्चे बताए जा रहे हैं। ट्रंप ने कहा कि उनकी राय में यह हमला ईरान की एक त्रुटिपूर्ण मिसाइल के कारण हुआ हो सकता है। रिपोर्टों के अनुसार उपग्रह चित्रों और अन्य दृश्य प्रमाणों के आधार पर यह संभावना जतायी गयी है कि 28 फरवरी को इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (आईआरजीसी) के ठिकानों पर अमेरिकी हमलों के दौरान दक्षिणी ईरान के मिनाब शहर में स्थित एक लड़कियों के प्राथमिक विद्यालय को निशाना बनाया गया।
ट्रंप से जब पूछा गया कि क्या अमेरिका इस हमले के लिए जिम्मेदार है, तो उन्होंने कहा कि उनकी जानकारी के अनुसार यह हमला ईरान द्वारा किया गया था। इस दौरान अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ से भी इस विषय पर सवाल किया गया। उन्होंने कहा कि मामले की जांच की जा रही है और यह भी आरोप लगाया कि नागरिकों को निशाना बनाने वाला पक्ष ईरान है। ट्रंप ने यह भी कहा कि ईरान के हथियार सटीक नहीं होते और संभव है कि उसी कारण यह घटना हुई हो। यह घटना 28 फरवरी से शुरू हुए अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच युद्ध में अब तक का सबसे घातक एकल हमला मानी जा रही है। संयुक्त राष्ट्र ने इस हमले की निंदा करते हुए इसे बच्चों, शिक्षा और पूरे समुदाय के भविष्य पर गंभीर हमला बताया है और कहा है कि नागरिकों को कभी भी युद्ध में दुष्प्रभाव के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।

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