सचिन-जिगर की फिल्म ‘गो गोवा गॉन’ के प्रदर्शन के 12 साल पूरे होने का जश्न 

ऐसा साउंडट्रैक बनाया, जिसकी किसी ने कल्पना भी नहीं की थी 

सचिन-जिगर की फिल्म ‘गो गोवा गॉन’ के प्रदर्शन के 12 साल पूरे होने का जश्न 

बॉलीवुड संगीतकार जोड़ी सचिन-जिगर की फिल्म ‘गो गोवा गॉन’ के प्रदर्शन के 12 साल पूरे हो गए हैं।

मुंबई। बॉलीवुड संगीतकार जोड़ी सचिन-जिगर की फिल्म ‘गो गोवा गॉन’ के प्रदर्शन के 12 साल पूरे हो गए हैं। राज और डीके द्वारा निर्देशित और सैफ अली खान, कुणाल खेमू और वीर दास अभिनीत, फिल्म ‘गो गोआ गॉन’ के लिए सचिन-जिगर ने ऐसा साउंडट्रैक बनाया, जिसकी किसी ने कल्पना भी नहीं की थी और ‘गो गोवा गॉन’ भारत की पहली जॉम्बी-कॉमेडी से कहीं बढ़कर बन गया। म्यूजिक एल्बम एक वाइब बन गया, जिसमें हास्य और मादक बीट्स का संतुलन था, एल्बम ने हमें कुछ बेहतरीन पार्टी एंथम दिए।

सचिन-जिगर के लिए, इस फिल्म ने उन्हें बस खुलकर जीने, फ़ॉर्मूले से अलग होने और संगीत के साथ मजे करने का मौक़ा दिया। इलेक्ट्रॉनिक म्यूजिक, व्यंग्यपूर्ण बोल और वाइब को मिलाकर, उन्होंने ‘गो गोवा गॉन’ को एक ऐसी म्यूजिकल पहचान दी, जो इसके कथानक जितनी ही अनोखी है। ‘बाबाजी की बूटी’ एक ट्रिपी गीत है, या फिर ‘स्लोली स्लोली’, जो आज भी बीच प्लेलिस्ट और हाउस पार्टियों में अपनी जगह बना लेता है।

सचिन-जिगर ने कहा- ‘गो गोवा गॉन’ सिर्फ एक फिल्म नहीं थी। यह एक वाइब थी, एक शैली-विरोधी यात्रा, जिसने हमें ध्वनि के साथ निडरता से प्रयोग करने का मौका दिया। ट्रिप्पी धुनों से लेकर जॉम्बी ग्रूव्स तक, इसने हमें संगीत बनाने की आजादी दी और दर्शकों ने इसका भरपूर आनंद लिया। आज भी, लोगों को ‘बाबाजी की बूटी’ या ‘खून चूस ले’ के साथ गाते हुए सुनना हमें याद दिलाता है कि हम जो करते हैं उससे हमें क्यों प्यार है।

 

Read More राम चरण ने जान्हवी कपूर को बताया 'छुपा रुस्तम', फिल्म ‘पेड्डी’ के सेट पर अभिनेत्री की मेहनत और परफॉर्मेंस की जमकर की तारीफ

Read More फिटनेस अवतार में नजर आए सलमान खान, शेयर की हुई तस्वीर में सुपरस्टार फ्लॉन्ट करते दिखे रिप्ड एब्स फ्लॉन्ट

 

Related Posts

Post Comment

Comment List

Latest News

स्कूल परिसर में वर्षों से नहीं हट रहा अतिक्रमण, जानें पूरा मामला स्कूल परिसर में वर्षों से नहीं हट रहा अतिक्रमण, जानें पूरा मामला
शैक्षणिक गतिविधियों पर पड़ रहा असर, विकास कार्य हो रहा प्रभावित।
भीषण गर्मी में पेयजल को तरसे ग्रामीण, गहराया संकट
एक हैंडपंप के सहारे पूरा गांव, पेयजल संकट से जूझ रहे झोटोली के ग्रामीण
शिक्षा के सारथी : हौसलों के तरकश में कोशिश का तीर जिंदा रख, खेल के मैदान में गढ़ रही हैं पीटीआई देश का भविष्य
कोटा के फेफड़ों को चाट रहा थर्मल का काला धुंआ, पांच किलो मीटर तक बुरा असर
ईंधन कीमतों पर खड़गे का केंद्र पर बड़ा हमला, बोले- आखिर कब खत्म होगा "फ्यूल लूट" का सिलसिला, प्रतिदिन हो रही जनता की जेब पर डकैती  
भण्डारों के भौतिक सत्यापन में लापरवाही पर सख्त हुए रजिस्ट्रार, रिपोर्ट नहीं भेजने पर कार्रवाई की चेतावनी