पिंक टॉयलेट के नाम पर पुरानी सुविधा खत्म : सुविधा के लिए दर-दर भटक रहे ग्रामीण, 15 दिन से काम ठप
साप्ताहिक हाट में महिलाओं के लिए मुश्किल बढ़ीं
'पिंक टॉयलेट' का निर्माण तो कागजों में शुरू हो गया, लेकिन धरातल पर प्रशासन ने 15 दिन पूर्व एकमात्र चालू शौचालय को भी ध्वस्त कर दिया। नतीजा यह है कि आज भीषण गर्मी के बीच व्यापारी, राहगीर और विशेषकर ग्रामीण महिलाएं बुनियादी सुविधा के लिए दर-दर भटकने को मजबूर हैं।
अटरू। अटरू कस्बे के हृदय स्थल और मुख्य व्यापारिक केंद्र हाट चौक में विकास की योजना आमजन के लिए परेशानी का सबब बन गई है। महिलाओं को सुविधा देने के उद्देश्य से 'पिंक टॉयलेट' का निर्माण तो कागजों में शुरू हो गया, लेकिन धरातल पर प्रशासन ने 15 दिन पूर्व एकमात्र चालू शौचालय को भी ध्वस्त कर दिया। नतीजा यह है कि आज भीषण गर्मी के बीच व्यापारी, राहगीर और विशेषकर ग्रामीण महिलाएं बुनियादी सुविधा के लिए दर-दर भटकने को मजबूर हैं।
विकास की अधूरी तैयारी, ढहाया पुराना, 'अधर' में नया.....
प्रशासन द्वारा 24 अप्रैल को हाट चौक स्थित पुराने शौचालय को इस वादे के साथ तोड़ा गया था कि यहां जल्द ही आधुनिक पिंक टॉयलेट बनेगा लेकिन विडंबना देखिए कि 15 दिन बीत जाने के बाद भी मौके पर निर्माण कार्य गति नहीं पकड़ सका है। बिना किसी वैकल्पिक व्यवस्था के पुराने ढांचे को जमींदोज करने के फैसले ने प्रशासनिक दूरदर्शिता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
प्रशासनिक पक्ष और आश्वासन
प्रशासन का कहना है कि फिलहाल वैकल्पिक व्यवस्था के रूप में महिला पार्क के पास स्थित सुलभ शौचालय का उपयोग किया जा सकता है। अधिकारियों के अनुसार नए पिंक टॉयलेट के निर्माण कार्य को शीघ्र शुरू करने की तैयारी की जा रही है।
मुख्य चुनौतियां और मांग
हाट चौक से सुलभ शौचालय की दूरी अधिक होने के कारण विशेषकर महिलाओं, बुजुर्गों और ग्रामीणों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि जब तक निर्माण कार्य पूरा नहीं होता, तब तक चौक के आसपास अस्थायी या मोबाइल शौचालय की व्यवस्था की जानी चाहिए। साथ ही लोगों ने यह भी कहा कि पिंक टॉयलेट जैसी योजना महिलाओं की सुविधा और सम्मान से जुड़ी है, लेकिन निर्माण में हो रही देरी उनकी गरिमा पर प्रतिकूल प्रभाव डाल रही है। ऐसे में प्रशासन को प्राथमिकता के आधार पर कार्य शुरू कर जल्द पूरा करना चाहिए।
साप्ताहिक हाट में महिलाओं के लिए मुश्किल बढ़ीं
हाट चौक कस्बे का वह केंद्र है, जहां साप्ताहिक बाजार के दौरान अटरू सहित दर्जनों गांवों की भीड़ उमड़ती है। खरीदारी के लिए आने वाली महिलाओं को शौचालय नहीं होने के कारण कठिनाई झेलनी पड़ रही है। स्थानीय दुकानदारों का कहना है कि प्रशासन ने मलबा डालने और सुविधा छीनने में तो तत्परता दिखाई, लेकिन निर्माण शुरू करने में सुस्ती बरत रहे हैं।
निशान, रंगत करवाकर नींव की खुदाई का कार्य प्रारंभ कर दिया जाएगा।
-मनोज कुमार सिंह, ठेकेदार
एक-दो दिन के भीतर निर्माण कार्य सुचारू रूप से चालू करवा दिया जाएगा।
- योगेन्द्र प्रसाद त्रिवेदी, ईओ, नगरपालिका

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