1-2 मई को पूर्णिमा पर बाघ-बघेरों का आंकलन, झालाना-आमागढ़ और नाहरगढ़ में तैयारियां पूरी
पिछले वर्ष यहां 17 लेपर्ड्स की गणना दर्ज
राजस्थान में वन्यजीवों की गणना को लेकर इस बार बड़ा बदलाव। राजस्थान वन विभाग ने वॉटर हॉल पद्धति से होने वाली गणना का समय 1 मई शाम 5 बजे से 2 मई शाम 5 बजे तक आयोजित करने का निर्णय। तैयारियां पूरी, मचान और स्टाफ तैनात जयपुर के झालाना लेपर्ड रिजर्व और आमागढ़ वन क्षेत्र में कुल 31 मचान तैयार।
जयपुर। राजस्थान में वन्यजीवों की गणना को लेकर इस बार बड़ा बदलाव किया गया है। राजस्थान वन विभाग ने वॉटर हॉल पद्धति से होने वाली गणना का समय 1 मई शाम 5 बजे से 2 मई शाम 5 बजे तक आयोजित करने का निर्णय लिया है। तैयारियां पूरी, मचान और स्टाफ तैनात जयपुर के झालाना लेपर्ड रिजर्व और आमागढ़ वन क्षेत्र में कुल 31 मचान तैयार किए गए हैं। यहां वन विभाग के स्टाफ और स्वयंसेवी संस्थाओं के करीब 40 लोग तैनात रहेंगे, जिनमें 18 महिलाएं भी शामिल हैं। खास बात यह है कि इस दौरान सफारी गतिविधियां भी जारी रहेंगी।
नाहरगढ़ में भी विशेष व्यवस्था नाहरगढ़ वन्यजीव अभयारण्य में 9 से 10 मचान बनाए गए हैं। यहां 20 से 25 वनकर्मी और वालंटियर्स 12 वाटर होल्स पर निगरानी रखेंगे। पिछले वर्ष यहां 17 लेपर्ड्स की गणना दर्ज की गई थी। पूर्णिमा पर गणना का खास महत्व यह गणना वैशाख पूर्णिमा के दिन की जाती है, जब वन्यजीव पानी के स्रोतों पर अधिक संख्या में पहुंचते हैं। इससे बाघ, बघेरा सहित अन्य वन्यजीवों की सटीक गणना संभव हो पाती है।

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