राजस्थान कांग्रेस में जिलों की कार्यकारिणी घोषणा पर सस्पेंस बरकरार, नेताओं की नाराजगी के चलते देरी
जातियों और क्षेत्रीय संतुलन को लेकर तीखी प्रतिक्रियाएं आने की आशंका
राहुल गांधी के संगठन सृजन अभियान के तहत नवंबर 2025 में राजस्थान के जिलाध्यक्षों की घोषणा के बाद प्रदेश कांग्रेस ने उन्हें मात्र 15 दिनों में जिला कार्यकारिणी गठित करने के निर्देश। लेकिन चार महीने बीत जाने के बावजूद अधिकांश जिलों में कार्यकारिणी अभी तक घोषित।
जयपुर। राहुल गांधी के संगठन सृजन अभियान के तहत नवंबर 2025 में राजस्थान के जिलाध्यक्षों की घोषणा के बाद प्रदेश कांग्रेस ने उन्हें मात्र 15 दिनों में जिला कार्यकारिणी गठित करने के निर्देश दिए थे। लेकिन चार महीने बीत जाने के बावजूद अधिकांश जिलों में कार्यकारिणी अभी तक घोषित नहीं हो सकी है। इससे संगठनात्मक गतिविधियां प्रभावित हो रही हैं और पीसीसी स्तर पर टेंशन बढ़ गई है। प्रमुख कारणों में आंतरिक नाराजगी का डर सबसे बड़ा बताया जा रहा है। जिलाध्यक्ष पदाधिकारियों की सूची तैयार करते समय विभिन्न गुटों, जातियों और क्षेत्रीय संतुलन को लेकर तीखी प्रतिक्रियाएं आने की आशंका है। कई जिलाध्यक्ष स्थानीय दबाव, गुटबाजी और टिकट वितरण जैसे भविष्य के समीकरणों को देखते हुए फैसला टाल रहे हैं।
कुछ जगहों पर नामों को लेकर पीसीसी और हाईकमान से अनुमति लेने की प्रक्रिया भी लंबित है। संगठन सृजन अभियान के तहत व्यापक बदलाव लाने का लक्ष्य था, लेकिन व्यावहारिक स्तर पर संतुलन बनाना चुनौतीपूर्ण साबित हो रहा है। पीसीसी अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने हाल ही में जिलाध्यक्षों के साथ समीक्षा बैठक की और सख्त निर्देश जारी किए। उन्होंने 30 अप्रैल तक कार्यकारिणी तय करने का अल्टीमेटम दिया है। डोटासरा का कहना है कि संगठन को मजबूत बनाने के लिए यह प्रक्रिया शीघ्र पूरी होनी चाहिए, अन्यथा अनुशासनात्मक कार्रवाई हो सकती है। कुछ पीसीसी नेताओं ने निजी तौर पर स्वीकार किया कि नाराजगी से बचने के लिए मंथन चल रहा है, लेकिन अब देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

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