ज्ञानभारतम मिशन में राजस्थान अव्वल, 15 लाख से अधिक पांडुलिपियों का सत्यापन
भारत के इतिहास और सांस्कृतिक विरासत पर महत्वपूर्ण प्रभाव
प्रदेश में ज्ञानभारतम मिशन के तहत पांडुलिपियों के सर्वेक्षण और सत्यापन कार्य में राजस्थान देशभर में अग्रणी बनकर उभरा। अब तक राज्य में कुल 15 लाख 21 हजार 34 पांडुलिपियों का सत्यापन किया जा चुका है, जो पूरे भारत में सर्वाधिक।
जयपुर। प्रदेश में ज्ञानभारतम मिशन के तहत पांडुलिपियों के सर्वेक्षण और सत्यापन कार्य में राजस्थान देशभर में अग्रणी बनकर उभरा है। अब तक राज्य में कुल 15 लाख 21 हजार 34 पांडुलिपियों का सत्यापन किया जा चुका है, जो पूरे भारत में सर्वाधिक है। इस मिशन का मुख्य उद्देश्य देश की समृद्ध पांडुलिपि विरासत का सर्वेक्षण, संरक्षण, डिजिटलीकरण और व्यापक प्रसार सुनिश्चित करना है। जिलावार आंकड़ों के अनुसार जयपुर 4,91,688 पांडुलिपियों के साथ पहले स्थान पर है।
इसके बाद बीकानेर में 3,39,740 और जोधपुर में 1,90,847 पांडुलिपियों का सत्यापन किया गया है। राज्य में ‘राजस्थान प्राच्य विद्या प्रतिष्ठान, जोधपुर’ को नोडल विभाग तथा ‘राजस्थान संस्कृत अकादमी, जयपुर’ के निदेशक को राज्य नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। मिशन के क्रियान्वयन में विभिन्न क्लस्टर सेंटर और स्वतंत्र केंद्र सक्रिय सहयोग दे रहे हैं। मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने निर्देश दिए हैं कि सर्वेक्षण कार्य लक्ष्य-केन्द्रित तरीके से किया जाए और उन प्रमुख पांडुलिपियों के संकलन पर विशेष ध्यान दिया जाए, जिनका भारत के इतिहास और सांस्कृतिक विरासत पर महत्वपूर्ण प्रभाव रहा है।

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