परकोटा क्षेत्र में व्यावसायिक गतिविधियों पर संकट : व्यापारियों ने निकाला शांति मार्च, प्रतिष्ठान बंद रखे
वह पुराने भवन परिसरों पर लागू ही नहीं होते
गोयल ने बताया कि जिस बिल्डिंग बाइलॉज 2020 का हाईकोर्ट ने उल्लंघन का हवाला दिया है वह पुराने भवन परिसरों पर लागू ही नहीं होते।
जयपुर। परकोटा क्षेत्र में चल रही व्यावसायिक गतिविधियों पर मंडरा रहे संकट को लेकर व्यापारियों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। हाल ही में हाई कोर्ट द्वारा 19 परिसरों की दुकानों को सील करने का आदेश जारी किया गया, जिसे व्यापारी समुदाय एक गंभीर शुरुआत मान रहा है। परकोटा विकास संघर्ष समिति के नेतृत्व में बुधवार को सुबह 11 बजे से दोपहर एक बजे तक व्यापारियों ने हल्दियों के रास्ते से जौहरी बाजार होते हुए बड़ी चौपड़ तक शांति प्रदर्शन किया। समिति के अध्यक्ष सुनील बक्शी ने बताया की मौन प्रदर्शन में शामिल हजारों व्यापारियों को जयपुर व्यापार महासंघ के उपाध्यक्ष एवं हल्दियों के रास्ते व्यापार मण्डल के अध्यक्ष सुरेंद्र बज ने आश्वासन दिया कि जयपुर व्यापार महासंघ व्यापारियों के साथ है। समिति के संयुक्त सचिव मनोज गोयल ने बताया कि व्यावसायिक परिसर सार्वजनिक या सरकारी भूमि पर नही है बल्कि निजी स्वामित्व की भूमि पर निर्मित है हमारे साथ अन्याय हो रहा है जबकि पूरे परकोटे में व्यावसायिक गतिविधियां आवासीय परिसरों के साथ में चलने की परम्परा रही है। गोयल ने बताया कि जिस बिल्डिंग बाइलॉज 2020 का हाईकोर्ट ने उल्लंघन का हवाला दिया है वह पुराने भवन परिसरों पर लागू ही नहीं होते।
समिति के प्रवक्ता पवन कानूनगो ने बताया कि जब तक निगम हाई कोर्ट को सही वस्तु स्थिति से अवगत नही करा देती एवं सरकार की ओर से कैबिनेट में उपसमिति का गठन नही हो जाता इसका स्थायी समाधान संभव नही है अत: सरकार से मांग है कि शीघ्र ही उप समिति का गठन कर गजट में प्रकाशित करे।
शांति मार्च के संघर्ष समिति का प्रतिनिधिमण्डल हेरिटेज नगर निगम कमिश्नर से मिलकर अपना पक्ष रखा। शांति मार्च में संघर्ष समिति के सभी पदाधिकारी कैलाश अग्रवाल, गजेंद्र कासलीवाल, नरेश जैन, हनुमान मंगल, विजय गोयल, गिरीश अग्रवाल, वासुदेव गुप्ता, सतीश अग्रवाल, शिवचरण अग्रवाल सहित हजारों की संख्या में व्यापारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।
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