सरकार का 260 कार का काफिला : इनमें 12 बुलेट प्रूफ, हवाई बेड़े में न विमान और न हेलीकॉप्टर; फिलहाल लेते हैं किराये पर
पुराने वाहनों को निकाल कर बेड़े को आधुनिक और सुरक्षित बना रहा है
राजस्थान स्टेट मोटर गैराज अपनी सेवाओं के माध्यम से वीवीआईपी और सरकारी कार्यों की निर्बाध सेवा सुनिश्चित कर रहा है।
जयपुर। राजस्थान के सरकारी बेड़े में 260 कारें हैं। इनमें 12 बुलेट प्रूफ हैं। राज्य सरकार के हवाई बेड़े में इस समय न तो कोई विमान है और न ही हेलीकॉप्टर। एक दशक से भी अधिक समय से हेलीकॉप्टर और विमान किराये पर लिए जा रहे हैं। विधानसभा में दिए गए एक उत्तर के अनुसार पिछले साल 5 जून 2024 को रेडबर्ड एयरवेज प्रा.लि. से 23.79 करोड़ रुपए सालाना का अनुबंध हुआ है। राजस्थान स्टेट मोटर गैराज विभाग प्रदेश के राज्यपाल, मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव, वीवीआईपी, वीआईपी और स्टेट गेस्ट के लिए वाहन मुहैया करवाता है। विभाग समय-समय पर नए वाहनों को शामिल कर और पुराने वाहनों को निकाल कर बेड़े को आधुनिक और सुरक्षित बना रहा है। राजस्थान स्टेट मोटर गैराज अपनी सेवाओं के माध्यम से वीवीआईपी और सरकारी कार्यों की निर्बाध सेवा सुनिश्चित कर रहा है।
जिलों में पूल की कारों की ये है स्थिति
जिलों के कारपूल में काफी कारें हैं। हर जिला कलेक्टर के पास कम से कम दो कारें हैं। सभी जिलों में सांसदों और विधायकों के लिए पूल में 91 कारें दी गई हैं। जिलों के पूल में प्रोटोकॉल के लिए भी वाहन मौजूद रहते हैं।
वाहनों के संचालन के नियम : स्टेट मोटर गैराज में वाहनों के संचालन के लिए नियम निर्धारित हैं। कोई भी वाहन 8 वर्ष या 2 लाख किमी की दूरी पूरी करने के बाद अन्य विभागों को सौंप दिया जाता है। वहीं 15 वर्ष पुराने वाहनों को सरकार की नीति के तहत स्क्रैप में दिया जाता है।
बुलेट प्रूफ वाहनों की सुविधा
गृह मंत्रालय के आदेशानुसार जेड प्लस सुरक्षा प्राप्त नेताओं के लिए बुलेट प्रूफ वाहन उपलब्ध कराए जाते हैं। इसके अलावा, राज्यपाल और मुख्यमंत्री को भी यह सुविधा दी जाती है। वर्तमान में विभाग के पास 5 सफारी और 7 फॉर्च्यूनर बुलेट प्रूफ वाहन मौजूद हैं। सफारी की सरकारी कीमत 19 से 20 लाख रुपए और फॉर्च्यूनर की करीब 40 लाख रुपए कीमत है। इन गाड़ियों को बुलेट प्रुफ बनाने में 35 से 40 लाख रुपए (कीमत से अधिक) राशि खर्च होती है।
Comment List