राज्य स्तरीय वन मेले का भव्य शुभारंभ, आदिवासी उत्पादों को मिलेगा सशक्त बाजार
करीब 52 स्टॉल्स लगाए गए
वन विभाग द्वारा सचिवालय नर्सरी में दो दिवसीय राज्य स्तरीय वन मेला (9-10 फरवरी 2026) शुरू हुआ। वन मंत्री संजय शर्मा ने मेले का उद्घाटन किया। मेले में वन संरक्षण, आदिवासी आजीविका और वन उत्पादों के विपणन पर जोर दिया गया। विभिन्न जिलों के स्वयं सहायता समूहों ने 52 स्टॉल लगाए हैं।
जयपुर। वन विभाग राजस्थान द्वारा प्रकृति संरक्षण और पर्यावरणीय जागरूकता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से सचिवालय नर्सरी, जयपुर में आयोजित दो दिवसीय राज्य स्तरीय वन मेले (9-10 फरवरी 2026) का सोमवार को वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री संजय शर्मा ने फीता काटकर शुभारंभ किया।
मेले का अवलोकन करते हुए वन मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा की मंशानुसार यह वन मेला वन एवं वन्यजीव संरक्षण के साथ-साथ वनों से औषधियाँ व अन्य वन्य उत्पाद तैयार करने वाले आदिवासियों एवं स्थानीय समुदायों को आजीविका के लिए प्रभावी बाजार उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने बताया कि आगामी समय में संभाग एवं जिला स्तर पर भी वन मेलों का आयोजन किया जाएगा तथा जयपुर में राष्ट्रीय स्तर के वन मेले की योजना भी राज्य सरकार द्वारा बनाई जा रही है।
इस अवसर पर आरएफबीडीपी परियोजना के अंतर्गत स्वयं सहायता समूहों की आजीविका संवर्धन मार्गदर्शिका का विमोचन भी किया गया। मेले में प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए स्वयं सहायता समूहों, वन मंडलों और संस्थाओं द्वारा शहद, जड़ी-बूटी, बांस उत्पाद, मिलेट आधारित खाद्य पदार्थ, हस्तशिल्प, औषधीय पौधे सहित करीब 52 स्टॉल्स लगाए गए हैं।
प्रधान मुख्य वन संरक्षक श्री पवन कुमार उपाध्याय ने कहा कि यह मेला संरक्षण के साथ-साथ सतत आजीविका को बढ़ावा देने का सशक्त मंच है। विशेषज्ञ संवाद सत्रों के माध्यम से भी उपयोगी जानकारी दी जा रही है। मुख्य वन संरक्षक जयपुर रामकरण खेरवा ने अतिथियों का आभार व्यक्त किया।

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