रावी-ब्यास जल ट्रिब्यूनल 5 से राजस्थान दौरे पर : इंदिरा गांधी नहर का करेगा निरीक्षण, केंद्र व राज्य सरकार के प्रतिनिधियों के साथ कानून विशेषज्ञ होंगे शामिल
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के भी कार्यक्रम में शामिल होने की संभावना
रावी-ब्यास जल विवाद पर अहम मोड़—रावी-ब्यास जल ट्रिब्यूनल 5 से 8 मार्च तक राजस्थान दौरे पर रहेगा। न्यायमूर्ति विनीत सरन की अध्यक्षता में टीम बीकानेर से जैसलमेर तक इंदिरा गांधी नहर का निरीक्षण करेगी। 1981 समझौते के तहत 8.6 एमएएफ के बजाय 0.60 एमएएफ कम पानी मिलने का मुद्दा प्रमुख रहेगा। दौरे से राजस्थान अपनी भौगोलिक चुनौतियां मजबूती से रखेगा।
जयपुर। रावी एवं ब्यास जल बंटवारे से जुड़े मामले में महत्वपूर्ण घटनाक्रम के तहत रावी-ब्यास जल ट्रिब्यूनल 5 से 8 मार्च तक राजस्थान के दौरे पर रहेगा। ट्रिब्यूनल के अध्यक्ष पूर्व सर्वोच्च न्यायालय न्यायाधीश न्यायमूर्ति विनीत सरन के साथ न्यायाधीश सुमन श्याम और न्यायाधीश नवीन राव भी मौजूद रहेंगे। दौरे में केंद्र व राज्य सरकार के प्रतिनिधियों के साथ कानून विशेषज्ञ शामिल होंगे। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के भी कार्यक्रम में शामिल होने की संभावना है।
ट्रिब्यूनल बीकानेर में आरडी 507 से इंदिरा गांधी नहर के निरीक्षण के साथ दौरे की शुरुआत करेगा। 6 मार्च को कोलायत क्षेत्र में फव्वारा पद्धति के कमांड एरिया और 1254 आरडी हेड का निरीक्षण किया जाएगा। 7 मार्च को जैसलमेर के मोहनगढ़ में आरडी 1458 की टेल तक दौरा प्रस्तावित है। टीम तनोट माता मंदिर भी जाएगी। उल्लेखनीय है कि 31 दिसंबर 1981 के समझौते के अनुसार राजस्थान को 8.6 एमएएफ पानी मिलना था, जबकि वर्तमान में करीब 0.60 एमएएफ कम मिल रहा है। इस दौरे से राजस्थान अपनी भौगोलिक परिस्थितियों को प्रभावी ढंग से रख सकेगा।

Comment List