उत्तर पश्चिम रेलवे ने टिकट चैकिंग में हासिल की ऐतिहासिक उपलब्धि, नए साल में बिना टिकट यात्रा करने वालों से वसूले 63.50 करोड़
यात्रियों को जागरूक करने का प्रयास
ट्रेनों में बिना टिकट यात्रा करने एवं बिना बुक कराए लगेज ले जाने वाले यात्रियों के खिलाफ उत्तर पश्चिम रेलवे ने 1 जनवरी से 9 फरवरी तक 50 दिनों में ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करते हुए 63.50 करोड़ रुपए का राजस्व प्राप्त किया है।
जयपुर। ट्रेनों में बिना टिकट यात्रा करने एवं बिना बुक कराए लगेज ले जाने वाले यात्रियों के खिलाफ उत्तर पश्चिम रेलवे ने 1 जनवरी से 9 फरवरी तक 50 दिनों में ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करते हुए 63.50 करोड़ रुपए का राजस्व प्राप्त किया है। उत्तर पश्चिम रेलवे के अनुसार उत्तर पश्चिम रेलवे नें टिकट चेकिंग में इस वित्त वर्ष 2025-26 में 9 फरवरी तक टिकट चेकिंग से 63.50 करोड़ रुपए का राजस्व प्राप्त किया है, जो पिछले वर्ष इस अवधि में प्राप्त टिकट चेकिंग राजस्व की तुलना में 27.01 प्रतिशत अधिक है। यह उत्कृष्ट प्रदर्शन पिछले सभी रिकॉडार्ें को पार कर गया है। 63.50 करोड़ रुपए का यह राजस्व उत्तर पश्चिम रेलवे के पिछले उच्चतम वार्षिक राजस्व 63.22 करोड़ रुपए (वर्ष 2023-24) के आंकडे़ को 50 दिन पहले पार कर चुका है।
यात्रियों को जागरूक करने का प्रयास
बिना टिकट यात्रा की रोकथाम के लिए टिकट चेकिंग अभियान के साथ यात्रियों को जागरूक करने का प्रयास भी किया जा रहा है। टिकट चेकिंग के लिए विशेष योजना बनाई जाती है। इसके लिए विभिन्न रेलखण्डों में टिकटों की बिक्री, फील्ड स्टॉफ के फीडबैक तथा रेल मदद पोर्टल की समीक्षा कर टिकट चैकिंग की योजना बनाई जाती है। इस योजनाबद्ध टिकट चैकिंग से ना सिर्फ रेल राजस्व में वृद्धि हो रही है, बल्कि यात्रियों की शिकायतों में कमी और रेल उपयोगकत्र्ताओं की संतुष्टि में भी वृद्धि हो रही है।
जागरूकता अभियान
उत्तर पश्चिम रेलवे पर टिकट चैकिंग को एक जागरूकता अभियान के रूप में लिया जाता है, जिसमें रेल वन एप जैसे डिजीटल माध्यम से बिना किसी व्यवधान के टिकट लेने के लिए यात्रियों को प्रेरित भी किया जाता है।

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