राजस्थान विधानसभा : 4.7 लाख से अधिक राजस्व वादों का निस्तारण, 9404 रास्ते खुलवाए

विशेष रूप से एससी-एसटी वर्ग को लाभ

राजस्थान विधानसभा : 4.7 लाख से अधिक राजस्व वादों का निस्तारण, 9404 रास्ते खुलवाए

राजस्थान विधानसभा में शनिवार को राजस्व विभाग की अनुदान मांगों पर चर्चा के बाद जवाब देते हुए राजस्व मंत्री हेमंत मीणा ने विभाग की उपलब्धियों और सुधारात्मक कदमों का विस्तृत ब्यौरा प्रस्तुत। उन्होंने कहा कि सदन में सदस्यों द्वारा दिए गए सुझावों पर अमल किया जाएगा और विभाग को और अधिक प्रभावी व पारदर्शी बनाया जाएगा।

जयपुर। राजस्थान विधानसभा में शनिवार को राजस्व विभाग की अनुदान मांगों पर चर्चा के बाद जवाब देते हुए राजस्व मंत्री हेमंत मीणा ने विभाग की उपलब्धियों और सुधारात्मक कदमों का विस्तृत ब्यौरा प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि सदन में सदस्यों द्वारा दिए गए सुझावों पर अमल किया जाएगा और विभाग को और अधिक प्रभावी व पारदर्शी बनाया जाएगा। मंत्री ने बताया कि पिछले दो वर्षों में विशेष अभियान चलाकर आमजन तक राहत पहुंचाने का कार्य किया गया है। विभाग ने तकनीकी नवाचारों को प्राथमिकता देते हुए नामांतरण की प्रक्रिया को ऑनलाइन किया है तथा रूपांतरण (कृषि भूमि के गैर-कृषि उपयोग) की समय-सीमा 45 दिन तय की गई है। इससे प्रकरणों के निस्तारण में तेजी आई है।

उन्होंने कहा कि एससी-एसटी वर्ग की भूमि पर सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित करने के लिए सम परिवर्तन की सीमा में छूट दी गई है। साथ ही काश्तकारों को अपने खेत तक पहुंचने में आने वाली दिक्कतों को दूर करने के लिए “रास्ता खोलो अभियान” चलाया गया, जिसके तहत 9404 रास्ते खुलवाए गए। बजट में भी खेतों तक पहुंच मार्ग उपलब्ध कराने का प्रावधान किया गया है। राजस्व मंत्री ने बताया कि 43,300 प्रकरणों में लगभग 24 हजार हेक्टेयर भूमि को लेकर निर्णय किए गए हैं। राजकीय भूमि संरक्षण के लिए कमेटी का गठन किया गया है तथा तहसीलदारों को परिवर्तन के अधिकार दिए गए हैं, जिससे विशेष रूप से एससी-एसटी वर्ग को लाभ मिला है।

विमुक्त, घुमंतू और अर्ध-घुमंतू परिवारों को पट्टे देने की प्रक्रिया पर भी कार्य जारी है। उन्होंने पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार से तुलना करते हुए कहा कि पिछली सरकार ने दो वर्षों में लगभग 1 लाख 99 हजार 466 राजस्व वादों का निस्तारण किया था, जबकि वर्तमान सरकार ने अपने पहले दो वर्षों में 4 लाख 70 हजार 338 प्रकरणों का निपटारा किया है। जुलाई 2024 में विशेष अभियान चलाकर 4 लाख 52 हजार वादों का निस्तारण किया गया तथा नोटिस तामील कर 9874 प्रकरण न्यायालय तक पहुंचाए गए। मंत्री ने कहा कि वादों के लंबित रहने का एक प्रमुख कारण समय पर नोटिस तामील नहीं होना था, जिसे अभियान के माध्यम से दूर किया गया। उन्होंने इसे प्रशासनिक दक्षता और सुशासन के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता बताया। इसके अलावा 2164 मगरों को गांव घोषित किए जाने की जानकारी देते हुए उन्होंने कहा कि इससे नगरीय क्षेत्रों में विकास कार्यों को गति मिलेगी। नवीन राजस्व इकाइयों के गठन को लेकर गठित कमेटी की सिफारिशों के आधार पर निर्णय लिया जाएगा।
मंत्री ने कहा कि राजस्थान देश का सबसे बड़ा राज्य है और राजस्व विभाग सीधे किसान व आमजन से जुड़ा है। समय के साथ विभाग को डिजिटल और पारदर्शी बनाकर त्वरित सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।

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