ऑपरेशन ‘शस्यविषम’: Anti-Narcotics Task Force Rajasthan का वज्र प्रहार, सवा करोड़ की अवैध अफीम फसल ध्वस्त
2428 अफीम के पौधे बरामद कर नष्ट किए
एएनटीएफ ने ‘ऑपरेशन शस्यविषम’ के तहत सिवाना के कांखी गांव में 2428 अवैध अफीम पौधे नष्ट कर हरजीराम को गिरफ्तार किया। करीब 2600 वर्गमीटर में फैली फसल से 20.8 किलो अफीम व 1.5 क्विंटल डोडा पोस्त मिलने का अनुमान है, जिसकी कीमत 1.2 करोड़ रुपए आंकी गई।
जयपुर। अवैध मादक पदार्थों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत एएनटीएफ ने ‘ऑपरेशन शस्यविषम’ में बड़ी कार्रवाई करते हुए सिवाना थाना क्षेत्र के कांखी गांव में करीब 2428 अफीम के पौधे बरामद कर नष्ट किए और एक आरोपी को गिरफ्तार किया। जब्त फसल से लगभग 20.8 किलोग्राम अफीम और 1.5 क्विंटल डोडा पोस्त मिलने का अनुमान है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब 1 करोड़ 20 लाख रुपये आंकी गई है।
परदे के पीछे पनप रहा था जहर का साम्राज्य :
एएनटीएफ टीम को पुलिस थाना सिवाना की सरहद कांखी में अवैध अफीम खेती की सूचना मिली। तस्दीक के बाद टीम ने खेत पर दबिश दी तो पशु बाड़े के पीछे सफेद चादर की आड़ में सब्जियों, बाजरी और अरंडी की फसल के बीच अफीम की खेती पाई गई। कुछ पौधों पर डोडे पूरी तरह पक चुके थे, जबकि कुछ कच्ची अवस्था में थे।
टीम ने आरोपी के आने की आशंका में आसपास के खेतों में घेराबंदी कर इंतजार किया। जैसे ही आरोपी फसल देखने पहुंचा, टीम ने धावा बोलकर उसे अफीम की फसल के बीच से दबोच लिया।
इंटरनेट से सीखी खेती, लालच बना कारण :
गिरफ्तार आरोपी हरजीराम निवासी धुम्बड़िया, जालौर; हाल निवासी कांखी, सिवाना पिछले करीब 10 वर्षों से डोडा पोस्त के सेवन का आदी बताया गया है। उसके खिलाफ पूर्व में भी मादक पदार्थ तस्करी के मामले दर्ज हैं। पूछताछ में सामने आया कि उसने पहले अपनी खपत के लिए और बाद में बड़े मुनाफे के लालच में जमीन खरीदकर इंटरनेट के माध्यम से अफीम की खेती करना सीखा और गुप्त रूप से उत्पादन शुरू कर दिया।
2600 वर्गमीटर में फैली थी फसल :
करीब 2600 वर्गमीटर क्षेत्र में फैली इस अवैध खेती को वैज्ञानिक आकलन के आधार पर नष्ट किया गया। जांच में पाया गया कि इतनी फसल से लगभग 21 किलोग्राम अफीम और 1.5 से 2 क्विंटल डोडा चूरा तैयार हो सकता था। कम लागत में करोड़ों की कमाई के लालच में आरोपी कानून को ताक पर रखकर यह कारोबार चला रहा था।
सीमावर्ती क्षेत्रों से दूर भी फैलता जाल :
आमतौर पर अफीम की खेती Rajasthan और Madhya Pradesh के सीमावर्ती इलाकों में पाई जाती है, लेकिन इस मामले में अलग जलवायु और मिट्टी वाले क्षेत्र में भी खेती कर ली गई। एएनटीएफ ने हाल ही में फलौदी के भोजासर क्षेत्र और Udaipur के दुर्गम पहाड़ी इलाकों में भी अवैध मादक फसलें नष्ट की थीं।
नामकरण का अर्थ :
‘शस्य’ का अर्थ फसल और ‘विषम’ का अर्थ विष से जुड़ा है। समाज में जहर बोने वाली इस अवैध खेती के मद्देनज़र अभियान का नाम “ऑपरेशन शस्यविषम” रखा गया।
गिरफ्तार आरोपी :
हरजी राम पुत्र नानजीराम, जाति माली, निवासी मालियों का वास धुम्बड़िया, थाना बागोड़ा, जिला जालौर; हाल निवासी कांखी, थाना सिवाना, जिला बालोतरा।

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