एसएमएस हॉस्पिटल के चिकित्सको ने चोट के कारण खराब हुआ हार्ट वाल्व बदला, हरियाणा के युवक को मिला नया जीवन
युवक को बेहद गंभीर और आपातकालीन स्थिति में भर्ती किया
प्रदेश के सबसे बड़े सवाई मानसिंह अस्पताल के डॉक्टरों ने एक बार फिर अपनी विशेषज्ञता का लोहा मनवाया। अस्पताल के कार्डियक थोरेसिक वैस्कुलर सर्जरी (सीटीवीएस) विभाग के डॉक्टर्स ने हरियाणा निवासी एक 18 वर्षीय युवक का सफल इमरजेंसी ऑपरेशन कर उसकी जान बचाई।
जयपुर। प्रदेश के सबसे बड़े सवाई मानसिंह अस्पताल के डॉक्टरों ने एक बार फिर अपनी विशेषज्ञता का लोहा मनवाया है। अस्पताल के कार्डियक थोरेसिक वैस्कुलर सर्जरी (सीटीवीएस) विभाग के डॉक्टर्स ने हरियाणा निवासी एक 18 वर्षीय युवक का सफल इमरजेंसी ऑपरेशन कर उसकी जान बचाई है। युवक के हृदय का वाल्व चोट (ट्रामा) के कारण पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया था।
गंभीर स्थिति में किया गया रेफर
सीटीवीएस विभाग के सीनियर प्रोफेसर डॉ. रामगोपाल यादव ने बताया कि छाती में लगी गंभीर चोट के बाद युवक की स्थिति बिगड़ती जा रही थी। उसे पहले एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहा से उसकी नाजुक हालत को देखते हुए एसएमएस अस्पताल रेफर कर दिया गया। युवक को बेहद गंभीर और आपातकालीन स्थिति में भर्ती किया गया।
5 घंटे चला जटिल ऑपरेशन
डॉ. यादव और उनकी टीम ने बिना समय गंवाए इस जटिल सर्जरी का निर्णय लिया। लगभग 5 घंटे तक चले इस ऑपरेशन में डॉक्टरों ने क्षतिग्रस्त वाल्व को निकालकर नया वाल्व सफलतापूर्वक प्रत्यारोपित किया। ट्रॉमा के मामलों में हार्ट वाल्व की सर्जरी तकनीकी रूप से काफी चुनौतीपूर्ण होती है, क्योंकि इसमें आस-पास के ऊतकों को भी क्षति पहुचने का खतरा रहता है।
इन विशेषज्ञों का रहा विशेष योगदान
इस सफल ऑपरेशन में डॉ. रामस्वरूप सैन, डॉ. राजेश शर्मा, डॉ. देवी प्रसाद, डॉ. संदीप, डॉ. अनादि, डॉ. जैनुद्दीन और डॉ. कुनाल, के एनेस्थीसिया के डॉ. रीमा, डॉ. अंजुम, डॉ. अधोकशक और डॉ. अरुण का सहयोग रहा। ऑपरेशन के बाद मरीज की स्थिति में निरंतर सुधार हो रहा है और वह डॉक्टरों की निगरानी में है।

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