नशीली दवाओं की तस्करी पर लगाम लगाने के लिए RPF की सख्ती तेज: 3 साल में 4328 ड्रग्स तस्करी के मामले पकड़े
रेलवे में नशा तस्करी पर प्रहार: आरपीएफ ने 3 साल में पकड़े 4328 मामले
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के अनुसार, आरपीएफ ने पिछले तीन वर्षों में रिकॉर्ड 4328 एनडीपीएस मामले पकड़े हैं। सीसीटीवी, स्निफर डॉग्स और एक्स-रे स्कैनर्स के जरिए निगरानी सख्त की गई है। हालांकि आरपीएफ को केवल तलाशी और जब्ती का अधिकार है, वे एनसीबी और जीआरपी के साथ समन्वय कर ट्रेनों में नशीली दवाओं के नेटवर्क को ध्वस्त कर रहे हैं।
जयपुर। रेलवे में नशीली दवाओं की तस्करी पर लगाम लगाने के लिए रेलवे प्रोटेक्शन फोर्स (आरपीएफ) ने निगरानी और विशेष अभियानों को तेज किया है। बेहतर मॉनिटरिंग, सीसीटीवी कैमरों और विभिन्न एजेंसियों के समन्वय से पिछले तीन वर्षों में आरपीएफ ने कुल 4328 एनडीपीएस मामलों का पता लगाया है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने लोकसभा में जानकारी देते हुए बताया कि वर्ष 2023 में 1220, 2024 में 1392 और 2025 में 1716 मामले सामने आए।
आरपीएफ को 2019 की अधिसूचना के तहत तलाशी, जब्ती और गिरफ्तारी के अधिकार हैं, लेकिन केस दर्ज करने और जांच का अधिकार नहीं है। इसलिए पकड़े गए आरोपी और जब्त सामग्री को जीआरपी या अन्य एजेंसियों को सौंप दिया जाता है। नशीली दवाओं की तस्करी रोकने के लिए आरपीएफ, नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो, जीआरपी और स्थानीय पुलिस के साथ लगातार समन्वय कर रही है।
प्रमुख स्टेशनों पर एक्स-रे बैगेज स्कैनर लगाए गए हैं और सीसीटीवी से निगरानी बढ़ाई गई है। संवेदनशील रूट्स पर विशेष अभियान चलाए जा रहे हैं, वहीं स्निफर डॉग्स की मदद से जांच को और मजबूत किया गया है। साथ ही यात्रियों में जागरूकता बढ़ाने के लिए अभियान भी चलाए जा रहे हैं।

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