96 वर्षीय महिला का किया सफल हिप रिप्लेसमेंट, गिरने की वजह से फ्रेक्चर
महिला के ऊपर बीमार पति की सेवा की जिम्मेदारी
उन्नत आधुनिक तकनीक, और बेहतर विश्वस्तरीय सुविधाओ की उपलब्धि के कारण जीवन के अंतिम पड़ाव में भी लोग जोड़ प्रत्यारोपण सर्जरी करवाकर आत्म सम्मान और आत्म निर्भरता का जीवन जीने में सफल हो रहे है।
जयपुर। उन्नत आधुनिक तकनीक, और बेहतर विश्वस्तरीय सुविधाओ की उपलब्धि के कारण जीवन के अंतिम पड़ाव में भी लोग जोड़ प्रत्यारोपण सर्जरी करवाकर आत्म सम्मान और आत्म निर्भरता का जीवन जीने में सफल हो रहे है। ऐसा ही एक उदाहरण प्रस्तुत किया, नारायणा हॉस्पिटल के जोड़ प्रत्यारोपण सर्जन डा विजय शर्मा और उनकी टीम ने जब उन्होंने 96 वर्षीय महिला के कूल्हे का जोड़ प्रत्यारोपण कर वापस चलायमान कर दिया। डा विजय शर्मा ने बताया कि 96 वर्षीय महिला के गिरने की वजह से कूल्हे के जोड़ में फ्रेक्चर हो गया था। ज्यादा उम्र, ओस्टियोपोरोसिस, और कमजोर मांसपेशियां केस को जटिल बना रही थी, दूसरी ओर महिला के ऊपर बीमार पति की सेवा की जिम्मेदारी थी, जिसके कारण उसका पलंग पर रह पाना असम्भव था।
साथ ही ऐसे केसेस में कमजोर हड्डी, कमजोर मांसपेशियां, उम्र के साथ होने वाली याददाश्त की समस्या, कन्फ्यूजन, और कोऑर्डिनेशन एवं डिस ओरिएंटेशन के कारण जोड़ के डिसलोकेशन होने की संभावना ज्यादा रहती है। इसलिए इस केस में विशेष प्रकार के आधुनिक हाइब्रिड, डुअल मोबिलिटी इंप्लांट के साथ कूल्हे के जोड़ का प्रत्यारोपण किया गया। सफल सर्जरी के दूसरे दिन से महिला आत्म निर्भरता के साथ चल पा रही है एवं अस्पताल से छुट्टी कर दी गई। इस सर्जरी में डा विजय शर्मा के साथ डा मनीष गुप्ता एवं एनेस्थीसिया की टीम का भी सहयोग रहा।

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