जलमहल के आसमान में देशभक्ति का रंग : 1000 फीट पर सूर्यकिरण और सारंग के रोमांचक करतब, जयपुरवासी हुए मंत्रमुग्ध
कौशल और राष्ट्रगौरव से भरने वाला दृश्य
ऐतिहासिक जयपुर में शुक्रवार को जलमहल के ऊपर आसमान देशभक्ति के रंगों से सराबोर हो उठा। भारतीय वायुसेना की प्रतिष्ठित सूर्यकिरण एयरोबेटिक टीम और सारंग हेलिकॉप्टर डिस्प्ले टीम ने फूल ड्रेस एयर शो में अद्भुत हवाई करतब दिखाए।
जयपुर। ऐतिहासिक जयपुर में शुक्रवार को जलमहल के ऊपर आसमान देशभक्ति के रंगों से सराबोर हो उठा। भारतीय वायुसेना की प्रतिष्ठित सूर्यकिरण एयरोबेटिक टीम और सारंग हेलिकॉप्टर डिस्प्ले टीम ने फूल ड्रेस एयर शो में अद्भुत हवाई करतब दिखाए। नाहरगढ़ की पहाड़ियों के पीछे से निकलते हुए नौ विमानों ने जलमहल के ऊपर लगभग 1000 फीट की ऊंचाई पर तिरंगा फॉर्मेशन बनाकर दर्शकों का दिल जीत लिया।
कार्यक्रम के दौरान सूर्यकिरण टीम के पायलटों ने कुल 18 मैन्युवर प्रस्तुत किए। महज 5 मीटर की दूरी बनाए रखते हुए किए गए इन हवाई कलाबाजियों ने दर्शकों की सांसें थाम दीं। देश-दुनिया में 800 से अधिक एयर शो कर चुकी सूर्यकिरण टीम दो दिन—20 और 22 फरवरी—को जयपुरवासियों को रोमांच, कौशल और राष्ट्रगौरव से भरने वाला दृश्य दिखा रही है। वहीं, सारंग टीम के पांच हेलिकॉप्टरों ने सटीकता और तालमेल का शानदार प्रदर्शन किया।
राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़ मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। जलमहल और आसपास के क्षेत्रों में भारी संख्या में लोग इस ऐतिहासिक पल के साक्षी बने। कार्यक्रम में भावनात्मक क्षण तब आया जब विंग कमांडर अंकित वशिष्ठ की मां पूनम वशिष्ठ ने बेटे पर गर्व जताया। उन्होंने बताया कि अंकित कार्यक्रम से पहले माता-पिता के पैर छूकर निकले थे। वहीं, सूर्यकिरण टीम के विंग कमांडर राजेश काजला—जयपुर के मुरलीपुरा निवासी—का यह आखिरी शो था। 2800 घंटे से अधिक उड़ान अनुभव वाले काजला ने अपने करियर की शुरुआत और समापन, दोनों ही जयपुर में कर गौरवपूर्ण अध्याय रचा। यह एयर शो न केवल तकनीकी कौशल का प्रदर्शन था, बल्कि जयपुर के आसमान में देशभक्ति और गर्व का उत्सव भी बन गया।

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