अब अफसर सीधे सुनेंगे जनता की बात, 181 हेल्पलाइन पर 35 सीनियर IAS की तैनाती
दो महीने चलेगा विशेष अभियान
प्रदेश में आमजन की शिकायतों के समय पर निपटारे को लेकर सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्देश पर 35 वरिष्ठ IAS अधिकारियों को राजस्थान संपर्क हेल्पलाइन 181 पर सीधे ड्यूटी देने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
जयपुर। प्रदेश में आमजन की शिकायतों के समय पर निपटारे को लेकर सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्देश पर 35 वरिष्ठ IAS अधिकारियों को राजस्थान संपर्क हेल्पलाइन 181 पर सीधे ड्यूटी देने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। सेक्रेटरी से लेकर अतिरिक्त मुख्य सचिव स्तर तक के अधिकारी अब सचिवालय स्थित कॉल सेंटर में बैठकर खुद लोगों के फोन उठाएंगे। प्रत्येक अधिकारी प्रतिदिन कम से कम 10 कॉल रिसीव करेगा और समस्याओं का यथासंभव त्वरित समाधान सुनिश्चित करेगा। इस संबंध में मुख्य सचिव वी. श्रीनिवासन ने आदेश जारी किए हैं।
दो महीने चलेगा विशेष अभियान : यह व्यवस्था 4 मार्च से लागू होकर 28 अप्रैल तक प्रभावी रहेगी। अभियान में अतिरिक्त मुख्य सचिव अभय कुमार सिंह, अपर्णा अरोड़ा, शिखर अग्रवाल, संदीप वर्मा और कुलदीप रांका सहित कई वरिष्ठ अधिकारी शामिल रहेंगे। सभी को निर्धारित तिथियों पर कॉल सेंटर में उपस्थिति देनी होगी।
लंबित मामलों पर विशेष फोकस : अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे संपर्क पोर्टल पर दर्ज पुरानी लंबित शिकायतों में से कम से कम 10 मामलों का चयन करें, जिनका समाधान आसानी से संभव है लेकिन वे लंबे समय से अटके हुए हैं। इन मामलों का निस्तारण कर संबंधित व्यक्तियों को जवाब देना अनिवार्य होगा। अक्सर प्रमाण पत्र जारी करने, बिजली-पानी आपूर्ति, सफाई और अन्य बुनियादी सेवाओं से जुड़ी शिकायतें लंबित रहती हैं, जिससे लोगों को परेशानी उठानी पड़ती है।
सीएम कर रहे लगातार निगरानी : मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा स्वयं भी 181 कॉल सेंटर का दौरा कर रहे हैं और आमजन से सीधे संवाद कर रहे हैं। मुख्यमंत्री निवास पर आयोजित जनसुनवाई कार्यक्रमों में भी शिकायतों के त्वरित समाधान पर जोर दिया जा रहा है।
प्रत्येक विजिट के बाद देनी होगी रिपोर्ट : कॉल सेंटर में ड्यूटी पूरी करने के बाद संबंधित अधिकारी को मुख्य सचिव को विस्तृत प्रतिवेदन देना होगा। इसमें प्राप्त शिकायतों की संख्या, किए गए निस्तारण और सुधार संबंधी सुझाव शामिल होंगे। सरकार को उम्मीद है कि वरिष्ठ अधिकारियों की प्रत्यक्ष भागीदारी से शिकायत निवारण व्यवस्था अधिक प्रभावी और जवाबदेह बनेगी।

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