बिना चीरा लगाए न्यूरो इंटरवेंशन तकनीक के जरिए ब्रेन एन्यूरिज्म का सफल उपचार: 74 वर्षीय वृद्धा को मिली नई जिंदगी
बिना चीर-फाड़ न्यूरो-इंटरवेंशन तकनीक से महिला को मिला जीवनदान
महात्मा गांधी अस्पताल में तेज सिरदर्द से पीड़ित महिला का सफल इलाज। जांच में मिला एक सेंटीमीटर का ब्रेन एन्यूरिज्म। बिना चीरे के न्यूरो इंटरवेंशन तकनीक से उपचार। महिला को अगले दिन ही स्वस्थ होने पर घर भेजा। ब्रेन एन्यूरिज्म फटने से अधिकांश रोगी मौत का शिकार हो जाते हैं। दिमाग की नस फूल कर हो चुकी थी गुब्बारा।
जयपुर। सीतापुरा स्थित महात्मा गांधी अस्पताल में न्यूरो इंटरवेंशन प्रक्रिया से एक जटिल केस में महिला का सफलतापूर्वक इलाज किया गया है। तेज सिरदर्द से पीड़ित 74 वर्षीय महिला बीते दिनों महात्मा गांधी अस्पताल पहुंची। जहां विस्तृत जांच के दौरान एमआरआई एवं संदेह के आधार पर एंजियोग्राफी की गई, जिसमें लगभग एक सेंटीमीटर का ब्रेन एन्यूरिज्म पाया गया। महिला को बिना चीरे के न्यूरो इंटरवेंशन तकनीक के जरिए बिना सर्जरी उपचारित किया गया। उपचार के बाद महिला को अगले दिन ही स्वस्थ होने पर घर भेज दिया गया। उल्लेखनीय है कि करीब 3 प्रतिशत वयस्क आबादी में एक तरह के खून की नसों के गुब्बारे और एन्यूरिज्म होते हैं। जिनका एंजियोग्राफी के बिना पता नहीं चल पाता। ब्रेन एन्यूरिज्म फटने से अधिकांश को लकवा हो जाता है या फिर रोगी तत्काल मौत का शिकार हो जाते हैं।
न्यूरो-इंटरवेंशन विभागाध्यक्ष प्रोफेसर डॉ. मदन मोहन गुप्ता ने बताया कि जांच में सामने आया कि दिमाग की नस असामान्य रूप से फूल कर गुब्बारे का रूप ले चुकी थी और उसमें खून भरा हुआ था, जो किसी भी समय फट सकता था और जान के लिए घातक साबित हो सकता था।
उन्होंने बताया कि चुनौतियां और भी थीं। मरीज की गर्दन की मोटाई अधिक थी और एन्यूरिज्म दिमाग की दो प्रमुख धमनियों में से एक एंटीरियर सेरेब्रल आर्टरी के पास स्थित था। इसके अलावा मरीज को पूर्व में ब्रेन हैमरेज और लकवा भी हो चुका था, जिससे उपचार अत्यंत जोखिमपूर्ण हो गया था।
कठिन परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए सर्जरी की बजाय अत्याधुनिक न्यूरो-इंटरवेंशन तकनीक का चयन किया गया। उपचार के दौरान कंटूर डिवाइस की सहायता से एन्यूरिज्म का इलाज किया और उसमें खून के प्रवाह को रोकने के साथ वहीं अन्य नसों में रक्त प्रवाह सुचारू बना रहा। परिणामस्वरूप एन्यूरिज्म में जमा खून गाढ़ा होकर सूख गया और गुब्बारे नुमा हो गई नस के फटने का खतरा भी समाप्त हो गया।
डॉ मदन मोहन गुप्ता ने बताया कि जयपुर ( राजस्थान) में इस प्रकार के जटिल ब्रेन एन्यूरिज्म का कंटूर डिवाइस से न्यूरो-इंटरवेंशन प्रक्रिया से सफल उपचार का यह पहला मामला है।

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