ग्राम उत्थान शिविर बनेंगे ग्रामीण समृद्धि की मजबूत नींव, आज से दूसरा चरण
6 लाख 59 हजार से अधिक ग्रामीणों की सक्रिय भागीदारी दर्ज
प्रदेश में आयोजित किए जा रहे ग्राम उत्थान शिविर भविष्य के ग्रामीण विकास की दिशा तय करते नजर आ रहे। इन शिविरों के माध्यम से किसानों, पशुपालकों और ग्रामीण परिवारों को केंद्र व राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं से सीधे जोड़ा जा रहा है, जिससे अंतिम व्यक्ति तक लाभ पहुंचाने का लक्ष्य साकार हो रहा।
जयपुर। प्रदेश में आयोजित किए जा रहे ग्राम उत्थान शिविर भविष्य के ग्रामीण विकास की दिशा तय करते नजर आ रहे हैं। इन शिविरों के माध्यम से किसानों, पशुपालकों और ग्रामीण परिवारों को केंद्र व राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं से सीधे जोड़ा जा रहा है, जिससे अंतिम व्यक्ति तक लाभ पहुंचाने का लक्ष्य साकार हो रहा है। शिविरों के प्रथम चरण के तीन दिनों में प्रदेश के 941 गिरदावर सर्किलों में आयोजन कर 6 लाख 59 हजार से अधिक ग्रामीणों की सक्रिय भागीदारी दर्ज की गई, जो योजनाओं के प्रति बढ़ते भरोसे को दर्शाता है।
इन शिविरों में कृषि, उद्यानिकी, पशुपालन, डेयरी, मत्स्य, ऊर्जा, सहकारिता, ग्रामीण विकास और पंचायती राज सहित 13 विभागों की योजनाओं का एक ही मंच पर लाभ दिया जा रहा है। कृषि व पशुपालन क्षेत्र में फसल बीमा, एमएसपी जागरूकता, बीज मिनीकिट, पशु उपचार, बीमा और टीकाकरण से उत्पादन व आय बढ़ने की उम्मीद है। वहीं ऊर्जा, सहकारिता और पंचायती राज विभागों की योजनाएं ग्रामीण आत्मनिर्भरता को गति दे रही हैं। दूसरे चरण में 31 जनवरी, 1 फरवरी तथा 5 से 9 फरवरी तक शेष शिविरों के आयोजन से प्रदेश के 2,839 गिरदावर सर्किल कवर होंगे। शिविरों में आगामी वर्ष की गतिविधियों के लिए आवेदन, अनुदान की स्थिति और योजनाओं की जानकारी देकर भविष्य की ठोस तैयारी की जा रही है। यह पहल आने वाले वर्षों में गांवों को आर्थिक, सामाजिक और तकनीकी रूप से सशक्त बनाने में अहम भूमिका निभाएगी।

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