बड़े उद्योगपतियों की सपंत्ति बचाने ला रहे वक्फ संशोधन बिल : वक्फ प्रोपर्टी पर बनी हैं उनकी संपत्तियां, मीडिया से बोले डोटासरा
धार्मिक धु्रवीकरण भी हो जाए
भाजपा की राजनीतिक रोटियां सिक जाएंगी और जिनको जमीन देनी है, उनको ये जमीनें दे देंगे। वक्फ कानून पहले से बना हुआ था, जिसके कारण संपत्तियां सुरक्षित थी।
जयपुर। वक्फ संशोधन बिल को लेकर पीसीसी चीफ गोविन्द सिंह डोटासरा ने मोदी सरकार पर जुबानी हमला बोला है। डोटासरा ने बुधवार को मीडिया से बातचीत में कहा कि वक्फ संशोधन बिल देश में बड़े उद्योगपतियों के लिए लाया जा रहा हैं, ताकि उनकी संपत्तियां जो वक्फ प्रोपर्टी पर बनी हैं, उनको नुकसान न हो। यह कॉम्पलेक्स जो बना रखे है, उनको उसे वक्फ की संपत्ति से अलग करने के लिए बिल लाया जा रहा है। इस बिल की जरूरत क्या है, इसके उद्देश्य और कारण तो बता नहीं रहे। यह मनमानी तरीके से बिल लाकर के अधिकार लेना चाहते है, ताकि वक्फ की जो जमीन है उसको दूसरे किसी का स्वामी बन सकते हैं और इसके माध्यम से हिंदू मुस्लिम भी हो जाएगा।
इससे भाजपा की राजनीतिक रोटियां सिक जाएंगी और जिनको जमीन देनी है, उनको ये जमीनें दे देंगे। वक्फ कानून पहले से बना हुआ था, जिसके कारण संपत्तियां सुरक्षित थी। वक्फ की कीमती संपत्ति अपने निजी लोगों को लुटाने के लिए इस प्रकार के कानून में संशोधन हो रहे हैं। ये लोग झूठ बोलते है, कि हमारी संसद को भी कल को वक्फ संपत्ति घोषित कर देंगे। पहले की संसद बढ़िया थी, जिसे इन्होंने बेकार कर दिया। दूसरी संसद बीस हजार करोड़ लगाकर बनाकर अपनी मनमर्जी से कानून बना दिए, ताकि हिंदू मुस्लिम का भी माहौल बन जाए और धार्मिक धु्रवीकरण भी हो जाए।
वक्फ संशोधन बिल के खिलाफ विरोध प्रदर्शन
लोकसभा में पेश किए वक्फ संशोधन बिल के खिलाफ राजधानी के मुस्लिम संगठनों ने संशोधन बिल के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। जयपुर सहित राज्य के अन्य हिस्सों में विरोध किए जाने की सूचना हंै। शहर के एमडी रोड पर डेमोक्रेडिट पार्टी आॅफ इण्डिया से जुड़े कार्यकर्ताओं ने विरोध किया और केन्द्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए कहा कि संशोधन बिल अलोकतांत्रिक हैं। इस दौरान कार्यकर्ताओं की पुलिस से हल्की झड़प भी हुई। जमाते इस्लामी हिंद के केंद्रीय सहायक सचिव इकबाल अहमद ने मुस्लिम समाज के खिलाफ बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार वक्फ संपत्तियां हड़पना चाहती हैं, इसलिए बिल को जल्दबाजी में लाया गया हैं। मुस्लिम संगठनों की मांग है कि अगर वक्फ में संशोधन करना है तो देवस्थान विभाग सहित अन्य धार्मिक बोर्डों में भी संशोधन किया जाए।
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