शहर की सुंदरता पर काला दाग, गेंट्री बोर्ड से लेकर सार्वजनिक स्थानों पर चस्पा हो रहे हैं पोस्टर
व सार्वजनिक स्थानों को बदरंग किया जा रहा है
स्वच्छता सर्वेक्षण के लिए केन्द्रीय टीम भी कोटा आने वाली है। ऐसे में टीम को भी जब शहर बदरंग नजर आएगा तो कोटा की रैकिंग में सुधार होने के स्थान पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।
कोटा । शहर को एक तरफ तो पर्यटन नगरी के रूप में विकसित करने के लिए स्वच्छ व सुंदर बनाने का प्रयास किया जा रहा है। वहीं दूसरी तरफ विज्ञापनों के माध्यम से गेंट्री बोर्ड व सार्वजनिक स्थानों को बदरंग किया जा रहा है। जिससे बाहर से आने वालों पर शहर की छवि धूमिल हो रही है। शहर को बदरंग करने वालों पर सख्ती नहीं होने का असर है कि वर्तमान में शहर का कोना-कोना बदरंग हो रहा है। स्मार्ट सिटी के तहत शहर का विकास व सौन्दर्यीकरण किया गया। करोड़ों की लागत से यहां विकास कार्य करवाए गए। वहीं अब शहर को पर्यटन नगरी के रूप में विकसित कर विदेशी पर्यटकों को यहां आकर्षित करने का दावा तो किया जा रहा है। लेकिन बाहर से आने वालों पर शहर की छवि अच्छी बनने की जगह बदसूरती की बन रही है। हालत यह है कि बाहर से आने वालों को शहर में दिशा बताने वाले दिशा सूचक व संकेतक(गेंट्री बोर्ड) पर बड़े-बड़े विज्ञापन फ्लेक्स लगाए हुए है। जिससे दिशा सूचक बोर्ड पर दिशा बताना तो दूर दिशा भटकाने का काम कर रहे है। जबकि बड़े-बड़े शहरों में कहीं भी ऐसा देखने को नहीं मिलता। शहर के सभी प्रमुख मार्गों व प्रवेश मार्गों पर केडीए के गेंट्री बोर्ड लगे हुए हैं। जिन पर शहर के रास्तों व इलाकों की जानकारी संकेतक व दिशा सूचकों के माध्यम से दे तो रखी है लेकिन वह नजर नहीं आ रही है। उस पर विञ्जापन चस्पा कर छिपा दिया गया है। ऐसा किसी एक दो जगह नहीं पूरे शहर में हो रहा है। सीएडी चौराहा हो या दादाबाड़े से केशवपुरा रोड। डीसीएम रोड हो या बारां रोड। जवाहर नगर का क्षेत्र हो या तलवंडी का हर जगह पर यही स्थिति है। सभी जगह पर राजनीतिक दलों के नेताओं व कार्यकर्ताओं के जन्म दिन व पदाधिकारी बनाए जाने पर बधाई संदेश के विज्ञापन फ्लेक्स लगे हुए हैं।
निगम ने कुछ दिन की सख्ती कर की इतिश्री
नगर निगम कोटा दक्षिण द्वारा सार्वजनिक स्थानों को बदरंग करने वालों के खिलाफ कुछ दिन तक कार्रवाई की। नोटिस व जुर्माने के अलावा कुछ लोगों के खिलाफ दादाबाड़ी थाने में मुकदमा भी दर्ज कराया था। लेकिन उसके बाद उन्होंने भी कोई कार्रवाई नहीं की। वाहीं कोटा उत्तर में इस संबंध में कोई कार्रवाई नहीं की गई।
फ्लाई ओवर व फोर्ट वाल तक बदरंग
इधर शहर में अधिकतर सार्वजनिक स्थानों को भी विज्ञापनों से बदरंग किया हुआ है। नियमानुसार किसी भी सार्वजनिक स्थान पर बिना अनुमति के विज्ञापन सामग्री नहीं लगाई जा सकती। लेकिन हालत यह है कि अधिकारियों की अनदेखी और विज्ञापन दाताओं व एजेंसियों को बुलंद हौंसले सार्वजनिक स्थानों के बदरंग के रूप में नजर आ रहे है। यहां तक कि फ्लाई ओवर व फोर्ट वाल तक को नहीं बक् शा गया। सूरजपोल दरवाजे के पास हो या कैथीनीपोल में, लाड़पुरा दरवाजे के पास हो पाटनपोल में सभी जगह पर फोर्ट वाल तक पर विज्ञापन लगाए हुए हैं। इसी तरह से शहर में करोड़ों रुपए खर्च कर बनाए गए फ्लाई ओवर की दीवारों तक पर विज्ञापन लगाए हुए हैं। फिर चाहे व छावनी फ्लाई ओवर हो या गुमानपुरा का। दादाबाड़ी का फ्लाई ओवर हो या झालावाड़ रोड का। बारां रोड का हो या रंगपुर रोड का। इनकी दीवार और पिलर तक को विज्ञापनों से इतना अधिक बदरंग किया हुआ है जिससे लगता है मानो ये विज्ञापन के लिए ही अधिकृत किए हुए हैं। वहीं स्वच्छता सर्वेक्षण के लिए केन्द्रीय टीम भी कोटा आने वाली है। ऐसे में टीम को भी जब शहर बदरंग नजर आएगा तो कोटा की रैकिंग में सुधार होने के स्थान पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।
सख्ती से ही लगेगी रोक
नगर निगम कोटा दक्षिण के उप महापौर व सफाई समिति के अध्यक्ष पवन मीणा का कहना है कि शहर के विकास व सौन्दर्यीकरण पर करोडों रुपए खर्च किए गए हैं। जिसे शहर सुंदर दिखे लेकिन कुछ लोगों के कारण शहर बदरंग हो रहा है। आजकर बधाई देने का ऐसा रोग लगा है कि जहां जगह मिले वहां फ्लेक्स लगाए जा रहे हैं। जबकि विज्ञापन के लिए नगर निगम द्वारा बोर्ड व स्थान चिन्हित किए हुए हैं। उन्हीं स्थानों पर अनुमति लेकर विज्ञापन लगाए जा सकते है। सार्वजनिक स्थानों पर विज्ञापन लगाने वालों के खिलाफ नगर निगम सम्पति विरूपण अधिनियम के तहत कार्रवाई कर सकता है। निगम व केडीए के सख्ती से ही इन पर रोक लगाई जा सकती है।
लगातार कार्रवाईकी जा रही
इधर नगर निगम कोटा दक्षिण के राजस्व अनुभाग के अधिकारियों का कहना है कि शहर को बदरंग करने वालों के खिलाफ पूर्व में भी कई बार सम्पति विरुपण अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई। नोटिस दिए गए और जुर्माना तक किया गया। इस तरह की कार्रवाई समय-समय पर की जाती है। उसके बाद भी कुछ लोग नहीं मानते। उनके खिलाफ फिर से कार्रवाई की जाएगी।
हमने पहले भी कार्रवाई की थी। अब फिर से अभियान चला कर कार्रवाई करेंगे।
- राजीव अग्रवाल महापौर दक्षिण
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