असर खबर का - रोडवेज मुख्य प्रबंधक से अदालत ने मांगा जवाब
डीलक्स और एक्सप्रेस बसों का किराया वसूल कर लोकल बसों में सफर कराने का मामला
दैनिक नवज्योति ने 12 अक्टूबर को ही इस संबंध में समाचार प्रकाशित किया था। इस समाचार में बताया था कि रोडवेज यात्रियों से पूरा किराया वसूल रहा है जब कि यात्रा खटारा बसों में करवा रहा है।
कोटा। रोडवेज द्वारा यात्रियों से एक्सप्रेस, डीलक्स बसों का किराया वसूल कर लोकल बसों से सफर करवाए जा रहे मामले में स्थाई लोक अदालत ने बुधवार को मुख्य प्रबंधक राजस्थान राज्य पथ परिवहन निगम कोटा को नोटिस जारी करते हुए 24 नवंबर तक जवाब तलब किया है। मामले में एडवोकेट लोकेश कुमार सैनी ने न्यायालय में एक जनहित याचिका दायर करते हुए बताया था कि विगत एक दशक से राजस्थान राज्य पथ परिवहन निगम में नई बसें नहीं होने से लोगों को पुरानी बसों में ही सफर करना पड़ रहा है। जिससे रास्ते में बसें खराब होने से यात्री समय पर भी अपने गंतव्य स्थान तक नहीं पहुंच पा रहे हैं और यात्रियों से इन बसों में भी एक्सप्रेस व डीलक्स बसों का किराया वसूल किया जा रहा है। यात्रा लोकल खटारा बसों में करवाई जा रही है। बसों की कमी से 67 शेड्यूल संचालित हो रहे हैं। याचिका में बताया गया कि आमजन के लिए रोडवेज सस्ता सुलभ संसाधन है। राजस्थान रोडवेज की अनदेखी के कारण यात्रियों को भारी समस्या का सामना करना पड़ा है। इस मामले में न्यायालय ने सुनवाई करते हुए राजस्थान रोडवेज मुख्य प्रबंधक को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।
नवज्योति ने उठाया था मुद्दा
दैनिक नवज्योति ने 12 अक्टूबर को ही इस संबंध में समाचार प्रकाशित किया था। इस समाचार में बताया था कि रोडवेज यात्रियों से पूरा किराया वसूल रहा है जब कि यात्रा खटारा बसों में करवा रहा है। निगम की टूटी फूटी बसों में यात्रा करने को मुसाफिर मजबूर हैं। यह बसें कई बार रास्ते में ही बंद हो जाती हैं।

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