नई-पुरानी सभी गाड़ियाँ के लिए ए20 पेट्रोल अनुकूल, बस पेट्रोल टैंक में पानी न पहुंचने दें

ई-20 पेट्रोल सभी गाड़ियों के लिए सुरक्षित

नई-पुरानी सभी गाड़ियाँ के लिए ए20 पेट्रोल अनुकूल, बस पेट्रोल टैंक में पानी न पहुंचने दें

आज से पूरे भारत में ई-20 पेट्रोल (20% इथेनॉल + 80% पेट्रोल) मिलेगा।

कोटा। आज से पूरे भारत में ई-20 पेट्रोल (20% इथेनॉल + 80% पेट्रोल) अनिवार्य कर दिया गया है। सभी पेट्रोल पंपों पर यही स्टैंडर्ड फ्यूल मिलेगा। इसमें कम से कम 95 फडठ (ऑक्टेन नंबर) होना जरूरी है, जो इंजन की क्वालिटी/परफॉर्मेंस का मानक है। लेकिन इसको लेकर लोगों में भ्रम की स्थित बनी हुई है। कई लोगों में भ्रम बना हुआ है कि इससे गाड़ी की माइलेज गिर जाएगा। किसी का मानना है कि पुरानी गाडि़यों के लिए सुरक्षित नहीं है तो किसी का मानना है कि पुरानी 2020 से पुरानी गाडियों के लिए यह ठीक नहींं या नई गाड़ियाँ 2023 के बाद इसके लिए डिजाइन की गई हैं । इस सब संभावनाओं को लेकर दैनिक नवज्योति ने नई ईंधन व्यवस्था को लेकर पुराने वाहन मालिकों (5-10 साल पुराने) की चिंताओं पर ऑटोमोबाइल जगत के दिग्गजों ने खुलकर बात की है। प्रस्तुत हैं उसके निष्कर्ष।

यह है लोगों में भ्रम
-माइलेज 3 से 7 फीसदी तक कम हो सकता है, खासकर पुरानी गाड़ियों में
-2020 से पहले की गाड़ियों में रबर/प्लास्टिक पार्ट्स जल्दी खराब हो सकते हैं
- इंजन ट्यूनिंग की जरूरत पड़ सकती है
-इंजन के लिए थोड़ा नुकसान देय

विशेषज्ञों की राय
टाटा मोटर्स में 22 वर्षों का अनुभव रखने वाले सीनियर टेक्निशियन विजय माथुर ने बताया, तकनीकी रूप से सभी गाड़ियाँ के लिए ए20 पेट्रोल अनुकूल हैं। हमारे पास किसी खराबी का कोई सर्कुलर नहीं आया है। इसलिए वाहन मालिकों को फिक्र करने की जरूरत नहीं है। यदि किसी भी प्रकार की कोई परेशानी होती तो तकनीकी अनुसंधान टीम द्वारा हमारे पास पहले से ही नोटिफिकेशन आ जाते,हमारे पास फिलहाल कोई सरकुलेशन नहीं आया है। सरकार द्वारा ए-20 पेट्रोल को लागू कर दिया गया है। इससे वाहन मालिकों को फिक्र करने की बिल्कुल जरूरत नहीं है। शिकायतों मे ज्यादातर मामलों में सही गुणवत्ता वाले पार्ट्स का उपयोग न होना पाया गया है। कम्पनी किसी भी पार्ट्स को बहुत सारी टेस्टिंग ओर परिस्थितियों में परखने के बाद ही उपयोग में लेती है ऐसे में इन बातों का सवाल ही नहीं उठता।

परफॉर्मेंस में सुधार
मारुति कंपनी के सर्विस मैनेजर योगेन्द्र नागर के अनुसार इथेनॉल के उच्च ऑक्टेन (108.5) के कारण गाड़ियों के परफॉर्मेंस और पिकअप में सुधार होगा।नई और पुरानी गाड़यों में किसी तरह का नुकसान नहीं है। उलटा उच्च ऑक्टेन (108.5) होने से परफोरमेंस में सुधार होगा। 12 साल का अनुभव रखने वाले पाठक ने बताया कि इंजन की 'नॉकिंग' कम होती है और आवाज भी घटती है।  नई गाड़ियों के टैंक पर पहले से 'ए20' लिखा आ रहा है। वैसे एथेनॉल युक्त पेट्रोल काफी समय से चल रहा है। रबर या फ्यूल लाईन में कोई भी खराबी नहीं देखी गयी है।
सावधानियां जो बरती जानी चाहिए
-पानी से बचाव ,पेट्रोल टैंक में पानी न पहुँचने दें। क्योंकि इथेनॉल नमी के साथ मिलकर पानी में परिवर्तित हो जाता है जिससे इंजन खराब होने की सम्भावना होती है व ईंधन की गुणवत्ता प्रभावित कर सकता है।
-नियमित इस्तेमाल करें, गाड़ी को पेट्रोल भरकर महीनों तक खड़ा न रखें। रूटीन में चलाने से फ्यूल लाइन और इंजन की ट्यूनिंग बेहतर रहती है।
-माइलेज ए20 से माइलेज में 2-3% की मामूली कमी आ सकती है। लेकिन बेहतर पिकअप और कम प्रदूषण इसे संतुलित कर देता है।

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यह भी तर्क आये सामने
कोटडी क्षेत्र में करीब 30 वर्षो से टूव्हीलर का काम करने वाले राजू मेहरा ने बताया कि कार्बोरेटर में सफेद चिकनाई जैसा पदार्थ जम जाता है, जिससे गाड़ियों की रेस अपने आप कम ज्यादा होने लगती है। एथेनाल से किसी किसी गाड़ी में कोई परेशानी नहीं देखी गयी है।वहीं कार मैकेनिक शानु विदेश में जर्मनी कार कम्पनी के मैकेनिक के रूप में काम कर चुके है फिलहाल 10 वर्षो से कोटा में कार गैराज के मालिक है इनका कहना है कि कारों मे इन्जेक्टर चौक हो जाते हैं। सबसे ज्यादा परेशानी यही है। डीजल गाडि़यों में तो यह आम बात हो गई है। पेट्रोल गाडीयों में भी परेशानियां सामने आ रही है।
ताथेड़ डिपो से अब केवल ए20 की सप्लाई होगी। यह बदलाव भविष्य की जरूरतों के लिए अनिवार्य है। अब आपकी गाड़ी में डलने वाला हर लीटर पेट्रोल भारतीय किसान के पसीने और देश की आत्मनिर्भरता की महक लेकर आएगा।
- तरुमीत सिंह बेदी, अध्यक्ष, कोटा पेट्रोल पंप एसोसिएशन

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तकनीकी रूप से सभी गाड़ियाँ ए20 पेट्रोल के लिए अनुकूल हैं। हमारे पास किसी खराबी का कोई सर्कुलर नहीं आया है। इसलिए वाहन मालिकों को फिक्र करने की जरूरत नहीं है। परेशानियां अक्सर घटिया क्वालिटी के लोकल पार्ट्स के कारण होती हैं।
-अनिरुद्ध दाधिच सर्विस इंजीनियर

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पेट्रोलियम के ऑटोमेंशन के क्षेत्र से पिछले 12 वर्षो से जुडा हुं काफी समय से एथेनॉल का प्रयोग हो रहा है कभी कोई समस्या नहीं देखी। मैं खुद 8 साल पुरानी कार चला रहा हूॅ।
- दिलीप शर्मा,कार मालिक  सिस्टम इंजिनियर फील्ड़ मैनेजमेन्ट
एथेनाल पेट्रोल पहले से ही उपलब्ध हे, ऐसे में यहां पर भी नये नियमों के तहत सप्लाई जारी की जायेगी ।
-सागर कुमार, प्लान्ट हेड़ बीपीसीएल

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