देव नारायण योजना में पशुओं का उपचार हो रहा, इंसानों का नहीं

प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र बनाया लेकिन डॉक्टर नहीं लगाया : मौसमी बीमारियों के चलते कोटा आकर करवाना पड़ रहा उपचार

देव नारायण योजना में पशुओं का उपचार हो रहा, इंसानों का नहीं

देव नारायण योजना के लोगों को उनके यहां उपचार की कोई सुविधा नहीं है। केडीए की ओर से योजना में प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र का भवन तो बना दिया गया है।

कोटा । कोटा विकास प्राधिकरण की ओर से करोड़ों रुपए की लागत से से बंधा धर्मपुरा में देव नारायण आवासीय योजना में पशु पालकों के साथ ही पशुओं रहने की सुविधा की गई। लेकिन हालत यह है कि योजना में पशुओं का तो उपचार हो  रहा है लेकिन इंसानों का नहीं।  शहर के लोग तो संभाग के सबसे बड़े एमबीएस व न्यू मेडिकल कॉलेज अस्पताल जाकर इलाज करवा रहे है। जबकि देव नारायण योजना के लोगों को उनके यहां उपचार की कोई सुविधा नहीं है। केडीए की ओर से योजना में प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र का भवन तो बना दिया गया है। उसी केन्द्र में पशु उपचार केन्द्र भी खोला गया है। हालत यह हैकि पशु उपचार केन्द्र में तो डॉक्टर जा रहे है। जिससे पशु पालकों का उपचार किया जा रहा है। लेकिन विडम्बना हैकि वहां डिस्पेंसरी में डॉक्टर नहीं लगाया गया है। जिससे योजना के लोगों को करेब 12 से 15 कि.मी. की दृूरी तय कर कोटा शहर में आकर उपचार करवाना पड़ रहा  है। 

डिस्पेंसरी में डॉक्टर लगे तो मिले राहत
देव नारायण आवासीय पशु पालक विकास समिति के अध्यक्ष किरण लांगड़ी का कहना है कि केडीए ने यहां शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र(डिस्पेंसरी) तो बना दी है। लेकिन यहां अभी तक भीडॉक्टर नहीं लगाए हैं। जिससे योजना के लोगों के बीमार होने पर सुविधा के अभाव में 12 से 15 कि.मी. दूर कोटा जाना पड़ रहा है। जिसमें समय अधिक लग रहा है। इस दौरान कई लोगों की तबीयत तो अधिक खराब हो गई।  उन्होंने बताया कि केडीए अधिकारियों क पूर्व में कई बार अवगत कराया जा चुका है कि यहां डिस्पेंसरी में डॉक्टर लगाए जाएंजिससे लोगोंको राहत मिल सके। लेकिन अभी तक तो किसीको नहीं लगाया है। किरण लांगड़ी ने बताया कि योजना में कई सुविधाओं का अभाव होने से पशु पालक पलायन कर रहे है। पशु पालकों को घर व बाड़े तो बना कर दे दिए लेकिन उनके लिए मूलभूत सुविधाएं तक नहीं दी गई है। जिससे लोग यहां से पलायन कर रहे है। वर्तमान में योजना में मात्र 400 परिवार  और  करीब 8 से 10 हजार पशु हैं। इधर केडीए अधिकारियों का कहना है कि  देव नारायण योजना की डिस्पेंसरी में डॉक्टर व स्टाफ लगाने की प्रक्रिया चल रही है। जल्दी ही यहां सुविधा कर दी जाएगी। 

सफाई नहीं होने से नालियां जाम
स्थानीय लोगों का कहना है कि शहर से इतनी दूर होने से यहां न तो कोई अधिकारी आते हैं और न ही सफाई की नियमित व्यवस्था है। पिछले कई दिन से यहां नालियों की सफाई तक नहीं हुई है। जिससे उनके जाम होने से मच्छर पनप रहे है। एक तरफ मौसमी बीमारियां फेल रही है। वहीं दूसरी तरफ सफाई नहीं होने से बीमारियां अधिक बढ़ रही है। 

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