शिक्षकों ने उठाया सवाल, कैसे बनेगी 600 रुपए में दो यूनिफॉर्म

छात्र-छात्राओं को अभी भी नई यूनिफॉर्म का इंतजार

 शिक्षकों ने उठाया सवाल, कैसे बनेगी 600 रुपए में दो यूनिफॉर्म

स्कूलों में नया शिक्षा सत्र शुरू हो चुका है लेकिन कक्षा 1 से 8 तक के छात्र-छात्राओं को अभी भी नई यूनिफॉर्म का इंतजार है। नए यूनिफार्म नहीं मिलने से बच्चे पुराने ड्रेस पहन कर ही स्कूल जा रहे हैं।

कोटा। 1 जुलाई से स्कूलों में नया शिक्षा सत्र शुरू हो चुका है लेकिन कक्षा 1 से 8 तक के छात्र-छात्राओं को अभी भी नई यूनिफॉर्म का इंतजार है। नए यूनिफार्म नहीं मिलने से बच्चे पुराने ड्रेस पहन कर ही स्कूल जा रहे हैं। यूनिफॉर्म का कपड़ा खरीदने के लिए टेंडर भी हो चुके हैं लेकिन इसकी प्रक्रिया पूरी नहीं हुई। इसी बीच यूनिफॉर्म तैयार करने को लेकर शिक्षित सवाल खड़े कर रहे हैं। शिक्षकों का कहना है कि मात्र 600 में यूनिफार्म के 2 कैसे बन सकती है। बाजार में यूनिफार्म का अच्छा कपड़ा भी महंगा है और सिलाई भी अधिक है। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने वर्ष 2021 के बजट भाषण में पहली से आठवीं कक्षा तक के बच्चों को निशुल्क यूनिफॉर्म उपलब्ध करवाने की घोषणा की थी जिसके मुताबिक प्रदेश के सरकारी स्कूलों में पहली से आठवीं कक्षा तक के छात्र-छात्राओं को सिली हुई यूनिफार्म देने का निर्णय किया था।

रेडीमेड ड्रेस देने की मांग
वहीं स्कूल के शिक्षक छात्र-छात्रओं को रेडीमेड ड्रेस देने की मांग कर रहे है। शिक्षकों का कहना है की घोषणा के मुताबिक 600 रुपए में 2 यूनिफॉर्म देनी है। 425 रुपए कपड़े के और 175 रुपए सिलाई के है। कपड़े की आपूर्ति के लिए टेड़र प्रकिया चल रही है। जिसके बाद कपड़ा आएगा और सिलाई की राशि विद्यालय प्रबंधन समिति के एसएमसी के खातों में जमा होगी। शिक्षकों का कहना है की कोई भी दर्जी 87 रुपए में यूनिफॉर्म तैयार नहीं करेगा।

बाजार में यूनिफॉर्म सिलाई रेट
वर्तमान में बाजार में एक यूनिफॉर्म की सिलाई 600 रुपए पेंट शर्ट व सलवार कुर्ता की सिलाई 250 रुपए निर्धारित है। ऐसे में 175 रुपए में 2 ड्रेस सिलाना संभव नहीं होगा। ऐसे में शिक्षक छात्र-छात्रओं को रेडीमेड  ड्रेस देने की मांग कर रहे है। शिक्षकों का कहना है की रेडीमेड ड्रेस स्कूल में उपलब्ध करवाने से उन्हें ड्रेस वितरण में भी आसानी होगी।

यह होगा ड्रेस कोड
शिक्षा विभाग की और से पिछले ही वर्ष सरकारी स्कूल की ड्रेस में बदलाव किया गया था। छात्रों के लिए आसमानी रंग की शर्ट व गहरी भूरे की पेंट और छात्राओं को भी उसी कलर की कलर की शर्ट या कुर्ता तथा गहरे भूरे कलर की सलवार या स्कर्ट पहननी होगी। गुरुवार को स्कूल ड्रेस पहनने में छूट रहेगी।

इनका कहना है
अभी तक हमारे पास ड्रेस उपलब्ध नहीं हुई है और ना ही कोई बजट आया है। जैसे ही हमारे पास ड्रेस उपलब्ध होगी, स्कूलों में ड्रेस उपलब्ध करवा दी जाएगी। अभी बच्चे स्कूलों में फिलहाल पुरानी ड्रेस में ही आ रहे है। -केके शर्मा, जिला शिक्षा अधिकारी, प्रा. शिक्षा

विभाग को स्कूलों में रेडीमेड ड्रेस उपलब्ध करवानी चाहिए। 600 रुपए में सिर्फ एक ड्रेस का कपड़ा ही आता है। इसके बाद ड्रेस की सिलाई भी है। 600 रुपए में 2 ड्रेस तैयार नहीं हो सकती और ना ही कोई दर्जी इतने कम में  ड्रेस सिलकर देगा। -राहुल शर्मा, प्रिंसिपल

Related Posts

Post Comment

Comment List

Latest News

राहुल गांधी का गैस सिलेंडर महंगा होने पर केंद्र सरकार पर हमला : सिलेंडर की कीमत में बढ़ोतरी चुनावी बिल, कहा- चुनावी राहत खत्म, अब महंगाई की मार राहुल गांधी का गैस सिलेंडर महंगा होने पर केंद्र सरकार पर हमला : सिलेंडर की कीमत में बढ़ोतरी चुनावी बिल, कहा- चुनावी राहत खत्म, अब महंगाई की मार
कमर्शियल गैस सिलेंडर के दामों में तेज बढ़ोतरी पर राहुल गांधी ने केंद्र सरकार को घेरा। उन्होंने इसे “चुनावी बिल”...
नकबजनी की वारदात का खुलासा : कबाड़ी सहित 2 आरोपी गिरफ्तार, नशे के लिए करता था चोरी; 2 लाख का चोरी का माल बरामद
बागड़े ने महाराष्ट्र और गुजरात के लोगों से किया संवाद : दोनों राज्यों ने राष्ट्रीय प्रगति में दिया महत्वपूर्ण योगदान, कहा- औ‌द्योगिक विकास के साथ सामाजिक परम्पराओं से भी बनाई अपनी विशिष्ट पहचान
खण्डेलवाल कम्युनिटी-जयपुर चैप्टर का भव्य शुभारंभ, उद्यमियों की पहल से समाज को मिलेगा एकजुटता और विकास का नया मंच
भाजपा को बिहार का नाम बदलकर श्रमिक प्रदेश कर देना चाहिए : देश निर्माण में मजदूरों का अतुलनीय योगदान, तेजस्वी बोले- मजदूरों पर ही पड़ा डबल इंजन सरकार की पूंजीपरस्त नीतियों का सीधा असर
मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने की डिजिटल जनगणना-2027 की स्व-गणना, नागरिकों से की भागीदारी की अपील
नटनी पर साहित्यिक मंथन कल : जयपुर में जुटेंगे साहित्य जगत के दिग्गज, प्रांजल साहित्य अकादमी की पहल