बुद्धपूर्णिमा की धवल चांदनी में सम्पन्न हुई कुम्भलगढ़ अभयारण्य के रेंजों में वन्यजीव गणना, अठखेलियां हुईं कैमरे में ट्रैप
सात प्रजाति के वन्यजीव आए नजर
कुम्भलगढ़ राष्ट्रीय उद्यान अरण्य क्षेत्र में कृत्रिम व प्राकृतिक 214 जलस्त्रोत पर पेयजल पूर्ति को लेकर नन्हे शावकों के साथ वन्यजीवों की चहल कदमी ने प्रगणक को रोमांचित कर दिया। कुम्भलगढ़ उद्यान में यह गणना बुद्धपूर्णिमा की धवल चांदनी में सम्पन्न।
सादड़ी। कुम्भलगढ़ राष्ट्रीय उद्यान(कुम्भलगढ़ व रावली टॉडगढ़)अरण्य क्षेत्र में कृत्रिम व प्राकृतिक 214 जलस्त्रोत पर पेयजल पूर्ति को लेकर नन्हे शावकों के साथ वन्यजीवों की चहल कदमी ने प्रगणक को रोमांचित कर दिया। कुम्भलगढ़ उद्यान में यह गणना बुद्धपूर्णिमा की धवल चांदनी में शुक्रवार 5 बजे से शनिवार शाम 5 बजे तक सम्पन्न हुई। भीषण गर्मी व साफ मौसम से वॉटरहोल्स पर वन्यजीवों की दस्तक ने इनकी प्रजाति में इजाफा होने के प्रारंभिक संकेत दिए। इस बार अरण्य की 5 रेंज में चिन्हित वॉटरहोल्स ट्रेप कैमेरा से तीसरी आंख की नजर रही। जिसमें जीवों की चहलकदमी के प्रामाणिक चित्र कैद हुए। जलबिन्दुओं के बैठक स्थलों, अरण्य की शीतल बयार के बीच पेड़ों पर बनी मचान पर बैठे गणक वनकार्मिक की आंखों में रात कब गुजरी पता हीं नहीं चला।
विभाग गर्मी से बचाव के पुख्ता इंतजाम व दो वक्त भोजन व्यवस्था भी की। वहीं गणक ने वन्यजीव अठखेलियों का लुत्फ लेते हुए विभाग से देय गणना प्रपत्र में सूचनाएं भर इसकी पुष्टि की जिनके आंकड़ों को एक्जाई किया जाएगा। रेंजर जितेन्द्रसिंह शेखावत ने बताया, बुद्धपुर्णिमा 1मई शाम 5 बजे से 2 मई शाम 5 बजे तक पिछले 24 घण्टे में जलबिन्दुओं पर प्यास बुझाने आने वाले जीव की अठखेलियों का लुत्फ उठाते गणक वनकार्मिक व वन्यजीव प्रेमी ने इस गणना को अंजाम दिया।
सात प्रजाति के वन्यजीव आए नजर
कई जलबिन्दुओं पर पेंथर, हाइना, जंगली सुअर, मुर्गा, खरगोश, सांभर व भालू जैसे नन्हे शावकों की चहलकदमी ने सुखद संकेत दिए हैं। गणना में सादडी रेंज में कुल चिन्हित 20 जलस्त्रोत, बोखाडा में 19 वाटरहोल्स, देसूरी में 37, झीलवाड़ा 28 व कुम्भलगढ़ रेंज में 39 जलस्त्रोत चिन्हित किए। रावली टाडगढ़ सहित कुम्भलगढ़ राष्ट्रीय उद्यान के 93 प्राकृतिक व 121 कृत्रिम जलस्त्रोत चिन्हित किए गए। झीलवाड़ा रेंजर भेरूसिंह राठौड़ ने बताया, कई जलबिन्दुओ पर पैंथर,भालू, हाइना पहुंचे दूसरी ओर जंगली सुअर, मुर्गा, नील गाय व सांभर के समूह भी ट्रेप कैमरा में कैद हुए।

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