अब नहीं होगी रोड लाइटों में भ्रम की स्थिति, केडीए लगा रहा नई लाइटें
केडीए गोल्डन रंग की नाम लिखी लगा रहा है लाइटें
लाइट खराब होने पर निगम और केडीए के बीच जिम्मेदारी स्पष्ट नहीं रहती।
कोटा। शहर में हजारों की संख्या में रोड लाइटें तो लगी हुई हैं लेकिन उन लाइटों के खराब या बंद होने पर सही करने में नगर निगम व केडीए में भ्रम की स्थिति रहती है। लेकिन अब ऐसा नहीं होगा।शहर में आधा एरिया नगर निगम के अधिकार क्षेत्र में हैं और आधा एरिया कोटा विकास प्राधिकरण के अधिकार क्षेत्र में। पुराना शहर अधिकतर नगर निगम क्षेत्र में आता है और नए कोटा शहर का अधिकतर क्षेत्र केडीए में आता है। शहर में वैसे तो मेन रोड व डिवाइडर साइट पर अधिकतर लाइटें केडीए ने लगाई हैं और गलियों व वार्डों में नगर निगम ने। लेकिन कई इलाके ऐसे हैं जहां कहीं निगम ने तो कहीं केडीए ने सुविधा की दृष्टि से लाइटें तो लगा दी लेकिन उनके खराब होने पर दोनों ही विभागों में भ्रम की स्थिति रहती है कि लाइट किस विभाग की है। उसे कौन सही करेगा। ऐसे में शिकायतकर्ता से वहां की लोकेशन व फोटो समेत कई तरह की जानकारी ली जाती है। उसके आधार पर तय होता है कि लाइट किस एरिया में है और वह किसके अधिकार क्षेत्र में है। जिससे उन बंद व खराब लाइटों को सही करने में काफी समय तक लग जाता है। लेकिन अब इस भ्रम की स्थिति को समाप्त किया जा रहा है।
केडीए लगा रहा नई लाइटें
कोटा विकास प्राधिकरण के अधिशाषी अभियंता(विद्युत) ललित मीणा ने बताया कि दोनों विभागों के बीच की इस भ्रम वाली स्थिति को समाप्त किया गया है। इसके लिए अब केडीए की ओर से जो भी नई रोड लाइटें लगाई जा रही हैं वह गोल्डन रंग की है। खम्बे तो एक जैसे हो सकते हैं लेकिन उनके ऊपर की तरफ लाइटें व आसपास का रंग गोल्डन रखा गया है। जिससे दूर से ही देखकर पता चल जाएगा कि ये लाइटें केडीए की है। साथ ही इन पर ऊपर की तरफ केडीए लिखा भी गया है।
चोरी होने पर भी पहचान होगी आसान
अधिशाषी अभियंता मीणा ने बताया कि शहर में बड़ी संख्या में रोड लाइटें चाहे वे सजावटी हों या सामान्य चोरी हो गई है। लाइटें चोरी होने के बाद भी पता नहीं चलता कि ये लाइटें किसकी हैं। लेकिन इन लाइटों पर केडीए लिखा गया है। जिससे इनके चोरी होने पर आसानी से पहचान हो सकेगी कि ये लाइटें केडीए की है।
जानकारी के अनुसार एसपी ऑफिस चौराहे से लेकर स्टेशन की तरफ जाने वाले रास्ते, जेडीबी कॉलज रोड, नयापुरा समेत कई जगह से तो रोड लाइटें चोरी हो चुकी हैं। यहां तक कि डेकोरेटिव लाइटें तक चोरी हो गई है। जिससे लाखों रुपए खर्च करने के बाद भी सड़कों पर अंधेरा ही छाया हुआ है।
शहर में ऐसी 500 लाइटें लगाई
केडीए अभियंता ने बताया कि शहर में अब नई लाइटें ही लगाई जा रही है। अब तक ऐसी करीब 500 रोड लाइटें लगाई जा चुकी हैं। जिनमें रायपुरा से कैथून रोड, के. पाटन तिराहे से जैन मंदिर तक और बारां रोड समेत कई जगह पर इस तरह की लाइटें लगाई गई हैं।
निगम की करीब 56 हजार लाइटें
इधर नगर निगम के अधिशाषी अभियंता(विद्युत) सचिन यादव ने बताया कि कोटा शहर में नगर निगम की करीब 56 हजार रोड लाइटें लगी हुई हैं। समय-समय पर इन लाइटों के बंद व खराब होने पर मेंटेनेंस की जा रही है। फिलहाल शहर में अधिकतर रोड लाइटें एलईडी ही हैं। जिससे कम से कम बिजली में अधिक से अधिक रोशनी लोगों को मिल सके।
एसपी को लिखा है पत्र
कोटा आने के बाद अधिकतर यही सुनाई में आता है कि रोड लाइटें अधिक चोरी हो रही है। कई जगह से लाइटें चोरी होने के मामले में तो पुलिस को फोटो व वीडियो तक उपलब्ध करवाए जा चुके हैं। यहा तक कि एसपी को भी पत्र लिखकर लाइटें व अन्य सामान चोरी के मामले में कार्रवाई करने के संबंध में कहा गया है। अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
- बचनेश कुमार अग्रवाल, आयुक्त, कोटा विकास प्राधिकरण

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