कोटा : अगले माह से हमारे शहर में दौड़ने लगेंगी ई-बसें
हर महीने लाखों रुपए के डीजल की होगी बचत
वर्तमान में 34 सिटी बसों में से फिलहाल करीब 27 बसों का नियमित संचालन हो रहा है।
कोटा। देश में एक ओर जहां पेट्रोल -डीजल की किल्लत होने वाली है। वहीं इसे बचाने के प्रयास भी शुरु हो गए हैं। उसी दिशा में कारगर साबित होंगी कोटा में आने वाली ई बसें। कोटा में अगले माह जून तक ई बसों के आने की संभावना है। जिससे वर्तमान में संचालित सिटी बसे बंद हो जाएंगे। ऐसे में हर महीने लाखों रुपए के डीजल की बचत होने लगेगी। कोटा में नगरीय परिवहन सेवा के तहत वर्तमान में 34 सिटी बसें हैं। जिनमें से फिलहाल करीब 27 बसों का नियमित संचालन हो रहा है। स्टेशन से खड़े गणेशजी मंदिर व अन्य स्थानों तक इन बसों के माध्यम से लोगों को सस्ती व सुलभ परिवहन सेवा उपलब्ध हो रही है।नगर निगम अधिकारियों के अनुसार इन बसों के संचालन से वर्तमान में करीब 40 से 50 लाख रुपए महीने के डीजल की खपत हो रही है।
ई बसें आएंगी तो सिटी बसें होंगी बंद
निगम अधिकारियों के अनुसार कोटा में प्रधानमंत्री ई बस योजना के तहत 100 बसें आनी हैं। जिनमें 95 तो 9 मीटर वाली हैं और 5 बसें 12 मीटर वाली हैं। ये बसें पूरी तरह से एसी होंगी। शहर में केडीए सीमा तक 20 निर्धारित मार्गों पर इन बसों का संचालन किया जाएगा। प्रति बस प्रति दिन करीब 180 से 200 कि.मी. चलेगी। ई बसों के आने के बाद सिटी बसों का संचालन बंद हो जाएगा। जिससे नगर निगम को तो लाभ नहीं होगा। इसका कारण सिटी बसों में डीजल का खर्चा संवेदक फर्म द्वारा ही वहन किया जा रहा है।
भविष्य में नहीं होगी डीजल की जरूरत
नगर निगम के अधिशाषी अभियंता गैराज रविन्द्र सैनी ने बताया कि शुरुआत में 20 से 25 ई बसों के आने की संभावना है। इतनी बसें आने पर सिटी बसों का संचालन बंद नहीं हो पाएगा। ई बसें 20 मार्गों पर चलेंगी। यदि ई बसों की संख्या अधिक होगी तो सिटी बसें बंद हो जाएंगी।
सैनी ने बताया कि वर्तमान में सिटी बसों में हर महीने औसत 40 से 50 लाख रुपए के डीजल की खपत हो रही है। ई बसों के आने के बाद इतना डीजल तो बचेगा ही साथ ही भविष्य में बसों में डीजल पेट्रोल की जरूरत नहीं होगी। इससे कोटा के साथ ही राष्ट्रीय स्तर पर पेट्रोल-डीजल की खपत कम होगी।
इस माह तक पूरा होना है बस स्टॉप का काम
नगर निगम कोटा के आयुक्त ओम प्रकाश मेहरा ने बताया कि इस माह के अंत तक सुभाष नगर में ई बस स्टॉप का निर्माण कार्य पूरा होना है। साथ ही बसों के लिए चार्जिंग पॉइंट भी लग जाएंगे। उसके बाद जून के पहले सप्ताह तक ई बसों के आने की संभावना है। बसों के आने के बाद उनका संचालन किया जाएगा। सिटी बसों की तुलना में ई बसें पूरी तरह से एसी होंगी। ऐसे में इनका किराया भी संशोधित करने पर विचार किया जा रहा है।

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