राजस्थान के वरिष्ठ किसान मजदूर नेता एवं पूर्व विधायक हेतराम बेनीवाल का निधन, 94 साल की उम्र में ली अंतिम सांस, वासुदेव देवनानी सहित इन दिग्गजों ने जताया शोक
माकपा नेता हेतराम बेनीवाल का निधन: संघर्षों के एक युग का अंत
राजस्थान के कद्दावर किसान नेता और पूर्व विधायक हेतराम बेनीवाल का 94 वर्ष की आयु में श्रीगंगानगर में निधन हो गया। वे घड़साना किसान आंदोलन के प्रमुख सूत्रधार और जन संघर्षों के योद्धा थे।
श्रीगंगानगर। राजस्थान के वरिष्ठ किसान-मजदूर नेता, माक्र्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के पूर्व विधायक हेतराम बेनीवाल का सोमवार रात निधन हो गया। वह करीब 94 वर्ष के थे और लंबे समय से अस्वस्थ थे। उन्होंने श्रीगंगानगर के एक निजी अस्पताल में कल रात करीब सवा ग्यारह बजे अंतिम सांस ली। विभिन्न राजनीतिक, सामाजिक तथा किसान-मजदूर संगठनों ने उन्हें जन संघर्षों का सच्चा योद्धा और संघर्ष का पर्याय बताते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की है।
हेतराम बेनीवाल का जन्म पंजाब के सुखचैन में हुआ था। उन्होंने बीकानेर के डूंगर कॉलेज से स्नातकोत्तर (एम.ए.) की शिक्षा प्राप्त की। वह 1990 में संगरिया विधानसभा क्षेत्र से माकपा की टिकट पर राजस्थान विधानसभा के सदस्य चुने गए। वह राजस्थान सेंटर ऑफ इंडियन ट्रेड यूनियंस(सीटू) के महामंत्री और माकपा के गंगानगर जिला प्रांतीय सचिवालय सदस्य रहे। उन्होंने घड़साना किसान आंदोलन सहित अनेक जन-आंदोलनों का नेतृत्व किया। वह संघर्षों के दौरान लगभग छह वर्ष जेल में भी रहे।
वासुदेव देवनानी ने पूर्व विधायक हेतराम बेनीवाल के निधन पर गहरा दुःख व्यक्त किया है। देवनानी ने अपने शोक संदेश में कहा कि स्वर्गीय बेनीवाल जनसेवा के प्रति समर्पित जनप्रतिनिधि थे और उन्होंने अपने क्षेत्र के विकास एवं आमजन की समस्याओं के समाधान के लिए सदैव सक्रिय भूमिका निभाई। उनका निधन सार्वजनिक जीवन की अपूरणीय क्षति है।
विधानसभा अध्यक्ष ने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना करते हुए शोक संतप्त परिजनों को इस कठिन समय में धैर्य एवं संबल प्रदान करने की कामना की है। उन्होंने कहा कि इस दुःख की घड़ी में पूरा सदन शोकाकुल परिवार के साथ खड़ा है।

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