ड्रोन हमले के बाद खतरे में युद्धविराम बातचीत : होर्मुज में बढ़ा तनाव, ईरान ने दी चेतावनी- अमेरिका के लिए मौजूदा स्थिति को सहन करना होगा असंभव
अभी भी कई बड़े विकल्प मौजूद
जलडमरूमध्य को लेकर अमेरिका-ईरान तनाव फिर चरम पर है। ट्रंप ने ईरान का प्रस्ताव ठुकराते हुए जहाजों की सुरक्षा प्रोजेक्ट शुरू किया। जवाब में ईरान आक्रामक हो गया। यूएई के फुजैरा में ड्रोन हमले से हालात और बिगड़े, तीन भारतीय घायल हुए। दोनों देशों ने एक-दूसरे को कड़ी चेतावनी दी, युद्धविराम खतरे में दिख रहा है।
वाशिंगटन। ईरान और अमेरिका के बीच हुआ युद्धविराम अब होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर खतरे में पड़ता नजर आ रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से ईरान के ताजा प्रस्ताव को खारिज करने और होर्मुज से जहाजों के पारगमन में मदद के लिए प्रोजेक्ट शुरू करने के बाद तनाव चरम पर है। संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के फुजैरा पेट्रोलियम उद्योग क्षेत्र पर ईरान के ड्रोन हमले के बाद स्थिति और भी गंभीर हो गई है। इस हमले में तीन भारतीय नागरिक घायल हुए हैं। यूएई ने इस हमले की कड़ी निंदा करते हुए इसे तनाव बढ़ाने वाला कदम बताया है। इस घटना ने उस शांति को खत्म कर दिया है, जो अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम के बाद से बनी हुई थी।
दोनों देशों के बीच 8 अप्रैल को युद्धविराम की घोषणा हुई थी, जिसे 22 अप्रैल को आगे बढ़ाया गया था। इस बीच राजनयिक माध्यमों से प्रस्तावों का आदान-प्रदान जारी है। हालांकि, ट्रंप ने चेतावनी दी है कि यदि ईरानी सेना ने होर्मुज जलडमरूमध्य या फारस की खाड़ी में कहीं भी अमेरिकी जहाजों को निशाना बनाने का दुस्साहस किया, तो उन्हें धरती से मिटा दिया जाएगा। ईरान की प्रतिक्रिया भी उतनी ही आक्रामक रही है। ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बाघेर गालीबाफ ने अमेरिका और उसके सहयोगियों पर युद्धविराम के उल्लंघन और नाकाबंदी कर सुरक्षित नौवहन को खतरे में डालने का आरोप लगाया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि अमेरिका के लिए मौजूदा स्थिति को सहन करना असंभव होगा और चेतावनी दी कि ईरान के पास अभी भी कई बड़े विकल्प मौजूद हैं।

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