ईरानी जवाबी कार्रवाई: अमेरिकी सैन्य ठिकाने पर सटीक मिसाइल हमला, दुश्मन के रडार सिस्टम पहले ही हो चुके हैं नष्ट
जल शोधन संयंत्र पर हमले के बाद ईरान ने किया अमेरिकी सैन्य ठिकाने पर हमला
ईरान की आईआरजीसी ने बहरीन स्थित अमेरिकी नौसेना मुख्यालय पर मिसाइलें दागने का दावा किया है। यह हमला क़ेश्म द्वीप के जल शोधन संयंत्र पर हुए कथित अमेरिकी हमले का सीधा जवाब है। प्रवक्ता इब्राहिम जोलफक़ारी के अनुसार, दुश्मन के रडार सिस्टम पहले ही नष्ट हो चुके हैं, जिससे सटीक निशाना लगाना आसान हो गया है।
तेहरान। ईरान ने दक्षिणी क्षेत्र में स्थित एक समुद्री जल शोधन संयंत्र पर हमले के बाद अमेरिकी सैन्य ठिकाने पर मिसाइल हमला करने का दावा किया है। ईरान के सरकारी समाचार प्रसारक प्रेस टीवी ने रविवार को यह जानकारी दी।
रिपोर्ट के अनुसार, ईरान के सर्वोच्च परिचालन कमान खातम अल-अनबिया सेंट्रल हेडक्वार्टर के प्रवक्ता लेफ्टिनेंट कर्नल इब्राहिम जोलफक़ारी ने शनिवार को कहा कि यह कार्रवाई अमेरिकी नौसेना के बहरीन स्थित नेवल सपोर्ट एक्टिविटी बहरीन अड्डे से कथित हमले के बाद की गयी। यह अड्डा अमेरिकी नौसैनिक बलों की केन्द्रीय कमान और पांचवें बेड़े का मुख्यालय है।
जोलफक़ारी ने कहा कि जुफैर स्थित अमेरिकी अड्डे से क़ेश्म द्वीप के क़ेश्म डिसेलिनेशन प्लांट पर हमले के बाद इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (आईआरजीसी) ने सटीक ठोस ईंधन वाली मिसाइलों से उस अमेरिकी ठिकाने को निशाना बनाया। उन्होंने कहा कि यह हमला क़ेश्म द्वीप स्थित जल शोधन संयंत्र पर हुए हमले के सीधे जवाब के रूप में किया गया। प्रवक्ता ने ईरान द्वारा पहले किए गए जवाबी हमलों का भी उल्लेख करते हुए कहा कि उन कार्रवाइयों में विरोधी पक्ष की निगरानी प्रणालियों को काफी नुकसान पहुंचाया गया था। उनके अनुसार दुश्मन के रडार सिस्टम पहले की कार्रवाई में नष्ट हो जाने के कारण अब लक्ष्यों को निशाना बनाना अपेक्षाकृत आसान हो गया है।

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