पाकिस्तानी पीएम शरीफ ने की पेजेश्कियान से फोन पर बात : शांति प्रयासों को जारी रखने का लिया संकल्प, क्षेत्रीय हालातों पर हुई पर विस्तृत चर्चा
शांति की पहल: पाकिस्तान-ईरान नेतृत्व के बीच कूटनीतिक चर्चा
प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियान ने फोन पर पश्चिम एशिया में शांति बहाली पर चर्चा की। शरीफ ने वार्ता और कूटनीति के जरिए स्थायी शांति बनाने का संकल्प जताया। राष्ट्रपति ट्रंप द्वारा 22 अप्रैल को युद्धविराम समाप्त होने से पहले नई वार्ता की घोषणा के बीच, पाकिस्तान मध्यस्थ के रूप में सक्रिय भूमिका निभा रहा है।
इस्लामाबाद। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियान से फोन पर बातचीत में पश्चिम एशिया में शांति और सुरक्षा को बढ़ावा देने के प्रयास जारी रखने का संकल्प जताया है। पीएम शरीफ और पेजेश्कियान के बीच रविवार को करीब 45 मिनट चली बातचीत में पाकिस्तानी प्रधानमंत्री ने ईरान में पाकिस्तानी सेना प्रमुख आसिम मुनीर के साथ वार्ता में ईरानी नेतृत्व की रचनात्मक भूमिका की सराहना की।
पाकिस्तानी प्रधानमंत्री कार्यालय के अनुसार, दोनों नेताओं ने क्षेत्रीय हालात पर विस्तृत चर्चा की। शरीफ ने ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्ला सैय्यद मोजतबा खामेनेई और राष्ट्रपति का आभार व्यक्त किया, जिन्होंने संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाकर गालिबाफ तथा विदेश मंत्री अब्बास अराघची के नेतृत्व में उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल इस्लामाबाद भेजा था।श्री शरीफ ने सऊदी अरब, कतर और तुर्किये के नेताओं के साथ अपनी हालिया बैठकों की जानकारी देते हुए कहा कि इन संपर्कों से संवाद और कूटनीति के जरिए स्थायी शांति के लिए सहमति बनाने में मदद मिली है।
पेजेश्कियान ने पाकिस्तान के प्रयासों की सराहना करते हुए दोनों देशों के संबंधों को और मजबूत करने पर जोर दिया। इससे पहले, अराघची और पाकिस्तानी विदेश मंत्री इशाक डार ने भी फोन पर क्षेत्रीय हालात पर चर्चा की। ईरान की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद ने आठ अप्रैल को पाकिस्तान की मध्यस्थता में अस्थायी युद्धविराम की घोषणा की थी, जब अमेरिका ने ईरान के 10-सूत्रीय प्रस्ताव को स्वीकार किया था।इस्लामाबाद में 11 अप्रैल को लगभग 21 घंटे चली, अमेरिका-ईरान वार्ता हालांकि किसी समझौते पर नहीं पहुंच सकी थी, जिसमें ईरान ने अमेरिकी ‘अत्यधिक मांगों’ और बदलते रुख को जिम्मेदार ठहराया। ईरान के राष्ट्रपति से बातचीत में श्री शरीफ ने शांति प्रयास जारी रखने का भरोसा जताया।
इस बीच, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 22 अप्रैल को समाप्त होने वाले दो सप्ताह के युद्धविराम से पहले नये दौर की वार्ता के लिए प्रतिनिधिमंडल भेजने की घोषणा की है। उन्होंने समझौता न होने पर हमलों की चेतावनी भी दी है। ईरान ने अभी तक दूसरे दौर की वार्ता में भागीदारी की पुष्टि नहीं की है। सरकारी समाचार एजेंसी इरना के अनुसार, अमेरिकी नाकेबंदी और लगातार धमकियों ने वार्ता की प्रगति को प्रभावित किया है।

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