ट्रंप का दावा: हॉर्मुज बंद होने से ईरान को प्रतिदिन 50 करोड़ अमेरिकी डॉलर का नुकसान, ईरान के साथ कभी कोई समझौता नहीं हो सकता

ट्रंप की चेतावनी: 'ऑपरेशन मिडनाइट हैमर' से ईरानी परमाणु ठिकाने तबाह

ट्रंप का दावा: हॉर्मुज बंद होने से ईरान को प्रतिदिन 50 करोड़ अमेरिकी डॉलर का नुकसान, ईरान के साथ कभी कोई समझौता नहीं हो सकता

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि अमेरिकी घेराबंदी के कारण ईरान हॉर्मुज जलडमरूमध्य को बंद नहीं करेगा। उन्होंने बताया कि 'ऑपरेशन मिडनाइट हैमर' के जरिए बी-2 बमवर्षकों ने ईरान के प्रमुख परमाणु केंद्रों को ध्वस्त कर दिया है। ट्रंप ने सख्त चेतावनी दी कि बिना किसी ठोस समझौते के ईरान पर दबाव कम नहीं किया जाएगा।

वॉशिंगटन। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को कहा कि ईरान हॉर्मुज जलडमरूमध्य को बंद करना नहीं चाहता, क्योंकि इसके बंद होने से उन्हें प्रतिदिन 50 करोड़ अमेरिकी डॉलर का नुकसान हो रहा है। ट्रंप ने सोशल मीडिया पर कहा, “ वे (ईरान) इसे खुला रखना चाहते हैं ताकि वे प्रतिदिन 50 करोड़ अमेरिकी डॉलर कमा सकें।” ट्रंप ने दावा किया कि ईरान कह रहा है कि वे इसे बंद करना चाहते हैं, क्योंकि वे ‘अपनी प्रतिष्ठा बचाना’ चाहते हैं, जबकि अमेरिका ने इसकी पूरी तरह से घेराबंदी कर रखी है। उन्होंने कहा कि चार दिन पहले कुछ लोगों ने उनसे संपर्क किया था और बताया था कि ईरान इस जलडमरूमध्य को तुरंत खोलना चाहता है।

डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी देते हुए कहा, “ लेकिन अगर हम ऐसा करते हैं, तो ईरान के साथ कभी कोई समझौता नहीं हो सकता, जब तक कि हम उनका बाकी देश और उनके नेताओं को भी उड़ा न कर दें।” डेमोक्रेटिक पार्टी के नेताओं और अमेरिकी संचार माध्यमों, विशेष रूप से वॉल स्ट्रीट जर्नल और न्यूयॉर्क टाइम्स पर अपना हमला जारी रखते हुए ट्रंप ने कहा कि उन्हें ‘ऑपरेशन मिडनाइट हैमर’ को ‘नीचा दिखाने’ या उसकी आलोचना करने की अनुमति कभी नहीं दी जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि इस अभियान ने परमाणु स्थलों को इस सीमा तक पूरी तरह से नष्ट कर दिया है कि ‘रक्तपिपासु ईरान’ उन तक पहुंचने या उन्हें खोदकर निकालने में असमर्थ रहा है। उन्होंने दावा किया कि अमेरिकी अंतरिक्ष बल के पास पिछले जून में हमला किये गये तीनों स्थलों के हर इंच पर कैमरों की निगरानी है।

'ऑपरेशन मिडनाइट हैमर' 22 जून, 2025 को ईरान के महत्वपूर्ण परमाणु केंद्रों के विरुद्ध किये गये अमेरिकी सैन्य हमलों का गुप्त नाम है। इन हमलों का मुख्य केंद्र तीन प्राथमिक परमाणु बुनियादी ढांचा स्थल फोर्डो यूरेनियम संवर्धन संयंत्र, नतंज परमाणु केंद्र और इस्फहान परमाणु प्रौद्योगिकी केंद्र थे। इस अभियान में अमेरिकी वायु और नौसेना शक्ति का विशाल प्रदर्शन देखा गया, जिसमें 7 बी-2 स्पिरिट स्टील्थ बमवर्षक शामिल थे, जिन्होंने सीधे अमेरिका से 18 घंटे का मिशन संचालित किया। इसमें पहली बार युद्ध में उपयोग किये गये 30,000 पाउंड के 'बंकर बस्टर' बम, एक अमेरिकी पनडुब्बी से दागी गयी 30 टॉमहॉक मिसाइलें और ईरानी हवाई सुरक्षा को ध्वस्त करने के लिए एफ-35 और एफ-22 स्टील्थ लड़ाकू विमानों सहित 125 से अधिक विमान शामिल थे। अमेरिकी अधिकारियों और उपग्रह चित्रों के अनुसार इन स्थलों को ‘अत्यधिक गंभीर क्षति’ पहुंची है। पेंटागन का अनुमान है कि इन हमलों ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लगभग दो वर्ष पीछे धकेल दिया है।

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