असर खबर का : अब फिटनेस के लिए झालावाड़ जाने की जरूरत नहीं, कोटा में ही एटीएस

लोगों को मिली राहत 8 अन्य शहरों में शुरू हुई एटीएस की सुविधा

असर खबर का : अब फिटनेस के लिए झालावाड़ जाने की जरूरत नहीं, कोटा में ही एटीएस

कोटा एटीएस पर प्रतिदिन 35 से 40 गाड़ियां पहुंच रही है।

कोटा। राजस्थान में वाहनों के फिटनेस सेंटरों और ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशनों (अळर) को लेकर नियमों में बड़े बदलाव किए गए हैं। परिवहन विभाग और सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय (टङ्मफळऌ) के नए निर्देशों के बाद अब फिटनेस जांच की प्रक्रिया में स्पष्टता आई है। 15 अप्रेल से पुराने जांच केन्द्रों का पूरी तरह बंद करने के हाई कोर्ट के निर्देश के बाद प्रदेश में वाहनों के फिटनेस को लेकर बड़ी परेशानी हो गयी थी। ऐसे में उन जिलो में जहां आटोमैटिक फिटनेस सेन्टर अभी तक चालू नहीं हुआ है वहां पर भी पुराने 'व्हीकल फिटनेस इंसपेक्शन एण्ड़ जजमेन्ट अपेरेटस (फिजा ) से भी फिटनेस जारी करने की तारीख को बढ़ा दिया है।

आरटीओ मनीष शर्मा ने बताया कि कोटा संभाग मुख्यालय पर अळर शुरू होने के साथ ही लोगों को काफी राहत मिली है। पहले वाहन की फिटनेस के लिए झालावाड़ जाना पड़ रहा था। वही कोटा एटीएस पर प्रतिदिन 35 से 40 गाड़ियां पहुचं रही है। पूराने वाहनों से दुर्घटनाओं की संभावनायें ज्यादा होती है। जांच की नई तकनीकों व तरीकों से वाहनों की क्षमता में सुधार आयेगा साथ ही फिटनेस पास न कर सकने वाले वाहनों को स्क्रेप करने में भी आसानी होगी।

पुराने सेंटरों की 15 जून तक बढ़ाई मोहलत
राज्य में बिना फिटनेस वाले वाहन मिनिस्ट्री ऑफ रोड ट्रांसपोर्ट एंड हाईवे के आदेशानुसार, जिन जिलों में अळर सक्रिय हो गए हैं, वहां पुराने फिजा (ऋकेअ) 2018 सेंटर काम नहीं कर पाएंगे। हालांकि,राज्य में उन जिलों में जहां अभी एटीएस नहीं लगे हैं, वहां पुराने सेंटरों को 15 जून 2026 तक काम करने की विशेष अनुमति दी है।

राजस्थान में अळर का विस्तार
प्रदेश में वर्तमान में 10 एटीएस जारी हो चुके हैं। हाल ही में 15 अप्रैल के आसपास एक साथ 8 नए स्टेशनों को मंजूरी दी गई। जयपूर और किशनगढ़ में पहले से ही सेंटर संचालित थे। भीलवाड़ा में 11वें एटीएस की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। नये जारी सेन्टरों में कोटा,अजमेर,सीकर, नोहर, नागौर, जोधपूर, हनुमानगढ़ शाहपूरा सम्मिलित हो जाने के बाद अब राजस्थान के भरतपुर को छोड़कर हर संभाग मे एटीएस ने काम करना शुरू कर दिया है।

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सरकार सुविधायें बढ़ाये तो हर नीति सफल होगीं
वही एटीएस सेन्टर पर फिटनेस कनवाने आये रमेश बताते है कि अपने वाहन को सही रखे सुरक्षित रखना ज्यादा जरूरी है सरकार को सुविधायें बढ़ानी चाहिये ताकि लोग सरकार की नीतियों का अच्छे से पालन कर सके। टेक्सी कार की फिटनेस करवाने आये राजेश ने कहा कि हमें गाड़ी को लेकर बाहर भी जानाउ पड़ता है ऐसे में गाड़ी पूरी तरह तकनीकी रूप से सही होंगी तो पेसेन्जर के साथ हमारी भी जान सुरक्षित रहेगी।

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कोर्ट का रहा था सख्त रूख
उपकरणों के जांच को लेकर हाईकोर्ट पहले ही कड़ा रुख अपना चुका है। ऐसे में इन जिलों के कमर्शियल वाहन मालिकों को फिलहाल कोई बड़ी राहत मिलती नजर नहीं आ रही है। ऐसे में वाहन मालिकों को अपने वाहनों को नजदीकी टेस्टिंग सेन्टरों पर ले जाकर फिटनेस प्रमाण पत्र के लिये पहुंच रहे है।

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पीआरसी में अभी और भी सेन्टर , लोगों को मिलेगी ई पेनल्टी से राहत
एशोसिएशन के अध्यक्ष जगदीश शर्मा ने बताया कि राजस्थान में नये नियमों पर आधारित फिटनेस सेंन्टर खोलने वाली फर्मो ने आवेदन किया हुआ था जिनमें से करीब 8 एटीएस को अप्रेल में आर सी जारी कर दी है जिससे प्रदेश में 10 सेन्टर कार्यरत हो चुके है। लोगों को राहत मिलने के साथ टोल पर लगे कैमरों से आ रहे ऑनलाईन पेनल्टी चालानों से भी राहत मिलेंगी।

थ्री व्हीलर भी जाँच के दायरे में ट्रक के1500 से 2000 चार्ज
फिटनेस सेन्टर पर फिटनेस करवाने वाले वाहन मालिकों के जिनके वाहन 8 साल के भीतर है उन्हे 6 टायर वाले भारी वाहनों के लिये 15सौ से व 20 वर्ष से उपर के लिये 2 हजार तक का चार्ज देना पड़ सकता है। वहीं 15 साल से उपर के हल्के वाहनों के लिये 1000 व इससे कम के लिये 600 रूपये टेस्टिंग ली जा रही है। वहीं शहरी परिवहन में शामिल थ्री व्हीलर की फिटनेस के लिये भी 6 सौ रूपये चार्ज वसुला जा रहा है। एटीस संचालक का कहना है कि कारों व सभी वाहनों का उनके मैक और अन्य तकनीकी आधार पर चार्ज अलग अलग आता है।

एटीएस से डर कही स्क्रैप तो नहीं होगा वाहन
फिटनेस पर आने वाले वाहनों को आटामेटेड फिटनेस मैनेजमेन्ट सिस्टम पर रजिस्ट्रेशन करवाने के बाद यहां आना होगा यदि गाड़ी फिटनेस मे पास नहीं होती है तो उन्हे दुबारा या आगे भी मौके मिलेंगे। हांलाकि हर बार आवेदन नया करना पड़ेगा। जबकि 15 साल पूरानी गाड़ियों को फिटनेस के लिये केवल 3 चांस ही मिलेगें यही पर लोगों में भय है। हांलाकि यदि गाड़ी मालिक चाहे तो आटीओ में अपील करके अपनी गाड़ी को फिर से जाँच करा सकता है।

मैने 2020 में टाटा ऐस गाड़ी ली थी इसकी फिटनेस करवाने की परेशानी हो रही थी अब कोटा मे केन्द्र चालू हो गया है तो मेरे जैसे लोगों के मन का बहुत बड़ा बोझ कम हो गया अब गाड़ी को पूरी कम्पलीट करवा लिया है।
- नवीन चौधरी गाड़ी मालिक

 सरकार के द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार ही तकनीकी रूप से गाड़ियों की फिटनेस ऑनलाईन पोर्टल की जाती है। जिससे किसी प्रकार की कोई परेशानी नहीं होती। इन सेन्टरो से लोगों को राहत मिलने लगी है।बाकी चल रहे आवेदनों पर भी सरकार को शीघ्र फैसला लेना चाहिये। हर जिले में इन्हे खुलवाया जाना अच्छा है जिससे पेन्डैंसी खत्म की जा सके। अभी भी राजस्थान इस मामले में पीछे है।
- जगदीश शर्मा ,अध्यक्ष राजस्थान फिटनेस एशोसिएशन

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