हर वर्ष सड़क हादसों में होती है 10 हजार से अधिक लोगों की मौत : ट्रकों पर सुरक्षा जाल, रिफ्लेक्टर टेप से हादसे रोकने का प्रयास
तेज रफ्तार और पीछे से टक्कर की घटनाओं को रोकने पर फोकस
राजस्थान में लगातार बढ़ते सड़क हादसों पर अंकुश लगाने के लिए परिवहन विभाग ने महत्वपूर्ण पहल शुरू। विभाग की ओर से विशेष रूप से हाइवे पर होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने के लिए ट्रकों के चारों ओर सुरक्षा जालियां लगाने की योजना तैयार की जा रही।
जयपुर। राजस्थान में लगातार बढ़ते सड़क हादसों पर अंकुश लगाने के लिए परिवहन विभाग ने महत्वपूर्ण पहल शुरू की है। विभाग की ओर से विशेष रूप से हाइवे पर होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने के लिए ट्रकों के चारों ओर सुरक्षा जालियां लगाने की योजना तैयार की जा रही है। इस व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य पीछे से आने वाले वाहनों के ट्रक के नीचे घुसने की घटनाओं को रोकना है, जिससे गंभीर और जानलेवा हादसों में कमी लाई जा सके।
रिफ्लेक्टर टेप लगाना अनिवार्य
विभाग की ओर से सभी व्यावसायिक वाहनों पर हाई विजिबिलिटी रिफ्लेक्टर टेप लगाना भी अनिवार्य किया जा रहा है। रात के समय या कोहरे में ये रिफ्लेक्टर टेप दूर से ही वाहन की स्थिति स्पष्ट कर देंगे, जिससे पीछे से आने वाले वाहन चालक सतर्क हो सकेंगे। आने वाले दिनों में विशेष अभियान चलाकर वाहनों की जांच भी की जाएगी। नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों और वाहन मालिकों के खिलाफ कार्रवाई भी की जाएगी। विभाग का मानना है कि ट्रकों पर सुरक्षा जालियांए रिफ्लेक्टर टेप और सख्त निगरानी जैसे उपाय लागू होने से सड़क दुर्घटनाओं में कमी आएगी। यदि यह योजना प्रभावी साबित होती है तो राजस्थान सड़क सुरक्षा के क्षेत्र में अन्य राज्यों के लिए भी एक उदाहरण बन सकता है।
तेज रफ्तार, रात के समय कम दृश्यता बड़ा कारण: प्रदेश में हर वर्ष सड़क दुर्घटनाओं में दस हजार से अधिक लोगों की मौत हो जाती है, जबकि 15 हजार से ज्यादा लोग घायल होते हैं। इनमें सबसे अधिक हादसे राष्ट्रीय और राज्य राजमागोंर् पर दर्ज किए जाते हैं। तेज रफ्तार, रात के समय कम दृश्यता और भारी वाहनों से टकराव इन दुर्घटनाओं के प्रमुख कारण माने जाते हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए परिवहन विभाग ने ट्रकों और अन्य भारी वाहनों पर पीछे और किनारों पर मजबूत सुरक्षा जालियां लगाने की योजना बनाई है। यह जालियां दुर्घटना की स्थिति में छोटी गाड़ियों को ट्रक के नीचे घुसने से रोकेंगी, जिससे यात्रियों की जान बचाई जा सकेगी।
सड़क हादसों को कम करना विभाग की सवार्ेच्च प्राथमिकता है। तेज गति से वाहन चलाने वालों पर न केवल जुर्माना लगाया जा रहा है, बल्कि गंभीर मामलों में ड्राइविंग लाइसेंस भी निलंबित किए जा रहे हैं। विभाग भविष्य में जागरूकता अभियान, सख्त निगरानी और तकनीकी उपायों के जरिए सड़क सुरक्षा को और मजबूत करने की दिशा में काम करेगा।
पुरुषोत्तम शर्मा, परिवहन आयुक्त

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