11 साल की उम्र में 40 पदक जीत चुकी है नन्ही गोल्फर

जयपुर की शिक्षा जैन ने 5वीं बार जीता दिल्ली एनसीआर कप का जूनियर खिताब

 11 साल की उम्र में 40 पदक जीत चुकी है नन्ही गोल्फर

सिर्फ 11 साल की उम्र और मात्र ढाई साल का खेल करियर। गुलाबी नगर की नन्ही गोल्फर शिक्षा जैन 20 से ज्यादा अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय खिताब जीत चुकी है, जबकि इतने ही टूर्नामेंटों में सिल्वर या ब्रांज मेडल शिक्षा के नाम रहे हैं। रामबाग गोल्फ क्लब की शिक्षा जैन ने दिल्ली गोल्फ क्लब में आयोजित एनसीआर कप गोल्फ टूर्नामेंट का गोल्ड जीत अपनी कामयाबी में एक ताज जोड़ दिया।

 जयपुर। सिर्फ 11 साल की उम्र और मात्र ढाई साल का खेल करियर। गुलाबी नगर की नन्ही गोल्फर शिक्षा जैन 20 से ज्यादा अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय खिताब जीत चुकी है, जबकि इतने ही टूर्नामेंटों में सिल्वर या ब्रांज मेडल शिक्षा के नाम रहे हैं। रामबाग गोल्फ क्लब की शिक्षा जैन ने दिल्ली गोल्फ क्लब में आयोजित एनसीआर कप गोल्फ टूर्नामेंट का गोल्ड जीत अपनी कामयाबी में एक ताज जोड़ दिया। शिक्षा ने दो बर्डी के साथ कुल 135 का स्कोर बनाया और दूसरे स्थान पर रही अपनी प्रतिद्वंद्वी को 19 स्ट्रोक पीछे छोड़ खिताब पर कब्जा किया। शिक्षा ने दो दिन के टूर्नामेंट में 11 ओवर का स्कोर खेला और 25 पार और तीन बर्डी बना लोगों का दिल जीत लिया। शिक्षा अब तक 5 एनसीआर जूनियर खिताब जीत चुकी है। शिक्षा अमेरिका के पाइन हर्स्ट में अगले साल होने वाले यूएस किड्स वर्ल्ड चैंपियनशिप समेत कई टूर्नामेंटों के लिए क्वालीफाई कर चुकी है।

मात्र ढाई साल पहले रामबाग गोल्फ कोर्स से शुरुआत करने वाली शिक्षा का लक्ष्य देश के लिए 2028 में ओलंपिक खिताब जीतना है और अपने इस सपने को पूरा करने के लिए वह प्रतिदिन 8 से 9 घंटे अभ्यास करती है। शिक्षा ने कहा कि वे ओलंपिक में गोल्ड जीतकर भारत में गोल्फ के खेल को श्रेष्ठतम स्तर पर ले जाना चाहती हैं, जैसे 1983 का वर्ल्ड कप जीतने के बाद क्रिकेट को प्रोत्साहन मिला। इसके लिए उनका जोर उचित प्रशिक्षण और फिटनेस पर है, ताकि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चुनौतियों का मुकाबला कर सकें। उन्होंने कहा कि विदेश में सफलता के लिए आंतरिक स्ट्रेंथ और स्ट्रोंग फिजिक जरूरी है।  

दंगल की बबिता से मिली प्रेरणा
शिक्षा जब मात्र 4 साल की थी तब पिता सन्नी जैन ने दंगल फिल्म में बबिता फोगाट के किरदार से प्रभावित होकर शिक्षा की खेलों में कामयाबी का सपना देखा। शिक्षा ने बैडमिंटन से शुरुआत की। उसने ट्रेनिंग की और टूर्नामेंट भी खेले लेकिन ज्यादा रुझान ने देख पिता ने उसका खेल बदला। सात साल की उम्र में शिक्षा ने रामबाग गोल्फ कोर्स से गोल्फ की शुरुआत की और शानदार सफलता हासिल की। शिक्षा अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता और कोच को देती है।

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