होली पर लगने जा रहा साल का पहला चंद्र ग्रहण : भारत के अलावा इन देशों में दिखेगा असर, पढ़े क्या होता है ग्रहण

3 मार्च को दिखेगा साल का पहला पूर्ण चंद्र ग्रहण

होली पर लगने जा रहा साल का पहला चंद्र ग्रहण : भारत के अलावा इन देशों में दिखेगा असर, पढ़े क्या होता है ग्रहण

आगामी 3 मार्च को वर्ष का पहला पूर्ण चंद्र ग्रहण होगा, जिसे 'रेड मून' के रूप में देखा जाएगा। उज्जैन की जीवाजी वेधशाला के अनुसार, यह ग्रहण 3 घंटे 28 मिनट तक रहेगा। भारत के पूर्वी हिस्सों में यह दृश्य होगा, हालांकि उज्जैन में सूर्यास्त और चंद्रोदय के समय के कारण इसे स्पष्ट देखना चुनौतीपूर्ण होगा।

उज्जैन। खगोलीय घटना के तहत 3 मार्च को होने वाला इस वर्ष का पहला पूर्ण चंद्र ग्रहण भारत में दिखाई देगा। उज्जैन स्थित वेधशाला ने इसको लेकर विज्ञाप्ति जारी की है। जिसमें चन्द्र ग्रहण के बारे में जानकारी दी गई है। उज्जैन स्थित शासकीय जीवाजी वेधशाला के अधीक्षक डॉ. राजेंद्र प्रकाश गुप्त ने जारी विज्ञप्ति में बताया कि चंद्र ग्रहण की स्थिति में पृथ्वी सूर्य और चंद्रमा के मध्य सीधी रेखा में आ जाती है। पूर्ण चंद्र ग्रहण की अवस्था में पृथ्वी की छाया से चंद्रमा का पूरा भाग ढक जाता है, जिससे सूर्य का प्रकाश चंद्रमा तक नहीं पहुंच पाता और पूर्ण ग्रहण दिखाई देता है। इस दौरान चंद्रमा ताम्रवर्ण का प्रतीत होता है, जिसे सामान्यत: रेड मून कहा जाता है।

उन्होंने बताया कि 3 मार्च पूर्णिमा के दिन पूर्ण चंद्र ग्रहण दोपहर 3 बजकर 19 मिनट 7 सेकंड पर प्रारंभ होगा। ग्रहण का मध्यकाल शाम 5 बजकर 03 मिनट 7 सेकंड पर रहेगा तथा मोक्ष सायंकाल 6 बजकर 47 मिनट 6 सेकंड पर होगा। इस प्रकार ग्रहण की कुल अवधि 3 घंटे 28 मिनट रहेगी। ग्रहण का प्रतिशत 155.5 होने के कारण चंद्रमा पूर्ण ग्रहण की स्थिति में रहेगा।

उन्होंने बताया कि यह ग्रहण भारत के पूर्वी भाग, जहां सूर्यास्त शीघ्र होता है, वहां देखा जा सकेगा। इसके अलावा पूर्वी एशिया, ऑस्ट्रेलिया, प्रशांत महासागर क्षेत्र तथा अमेरिका में भी यह नजर आएगा। डॉ. गुप्त ने बताया कि उज्जैन में ग्रहण के प्रारंभ के समय धूप रहेगी और सूर्यास्त सायं 6 बजकर 31 मिनट पर होगा। सैद्धांतिक रूप से यह ग्रहण भारत में दृश्य रहेगा, लेकिन उज्जैन में सूर्यास्त के समय पूर्व दिशा में पूर्णिमा का चंद्रमा आंशिक ग्रहण लगी हुई स्थिति में उदित होगा। ग्रहण की समाप्ति का समय 6 बजकर 45 मिनट 6 सेकंड बताया गया है।

उन्होंने स्पष्ट किया कि उज्जैन में सूर्यास्त के बाद केवल लगभग 17 मिनट तक ही ग्रहण की स्थिति रहेगी। जब तक चंद्रमा क्षितिज से पर्याप्त ऊपर आकर स्पष्ट रूप से दिखाई देने की स्थिति में पहुंचेगा, तब तक ग्रहण समाप्त हो चुका होगा। इस कारण उज्जैन में इसे नग्न आंखों से देख पाना संभव नहीं होगा। उन्होंने यह भी बताया कि टेलिस्कोप से ग्रहण देखने के लिए चंद्रमा का पर्याप्त ऊंचाई पर आना आवश्यक है, ङ्क्षकतु उसके पहले ही ग्रहण समाप्त हो जाएगा। इसलिए टेलिस्कोप से भी ग्रहण का अवलोकन संभव नहीं हो सकेगा।

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