अब विश्वकर्मा नगर से होगा कचरे का हाइजनिक परिवहन

कोटा दक्षिण निगम का दूसरा आधुनिक कचरा ट्रांसफर स्टेशन भी हुआ तैयार

अब विश्वकर्मा नगर से होगा कचरे का हाइजनिक परिवहन

शहर में अब शीघ्र ही विश्वकर्मा नगर से भी कचरे का हाइजनिक तरीके से परिवहन किया जाएगा। इसके लिए नगर निगम कोटा दक्षिण का दूसरा आधुनिक कचरा ट्रांसफर स्टेशन भी बनकर तैयार हो गया है।

कोटा । शहर में अब शीघ्र ही विश्वकर्मा नगर से भी कचरे का हाइजनिक तरीके से परिवहन किया जाएगा। इसके लिए नगर निगम कोटा दक्षिण का दूसरा आधुनिक कचरा ट्रांसफर स्टेशन भी बनकर तैयार हो गया है। शहर में एक ओर जहां प्रदूषण का स्तर बढ़ता जा रहा है। वहीं दूसरी तरफ खुले में कचरा जाने से गंदगी व दुर्गंध का भी लोगों को सामना करना पड़ रहा है। लेकिन अब कोटा दक्षिण निगम क्षेत्र में इन दोनों ही समस्याओं से लोगों को निजात व राहत मिलने वाली है। नगर निगम कोटा दक्षिण की ओर से विश्वकर्मा नगर में दूसरा आधुनिक कचरा ट्रांसफर स्टेशन बनाया गया है। करीब 5.50 करोड़ रुपए की लागत से बनाए गए इस ट्रांसफर स्टेशन का अधिकतर काम पूरा हो गया है। मशीनरी भी फिटिंग भी हो चुकी है। ट्रायल के बाद इसी महीने इसके शुरू होने की संभावना है। 

नगर निगम कोटा दक्षिण के अधिशाषी अभियंता ए.क्यू कुरैशी ने बताया कि जिस जगह पर यह आधुनिक कचरा ट्रांसफर स्टेशन बनाया गया है। वहां पहले अस्थायी कचरा ट्रांसफर स्टेशन बना हुआ था। वहां से ट्रेक्टर-ट्रॉलियों के जरिये कचरा निगम के ट्रेचिंग ग्राउंड पर जा रहा था। लेकिन अब उसकी जगह पर आधुनिक कचरा ट्रांसफर स्टेशन बनाया गया है। जिससे वहां आने वाले कचरे को सीधे ही टिपरों से मशीन में डाला जाएगा। मशीनों से गीला व सूखा कचरा दो अलग-अलग कंटेनरों में भरा जाएगा। उसके बाद उन बंद कंटेनरों से कचरे को नांता स्थित ट्रेचिंग ग्राउंड पहुंचाया जाएगा। इससे एक तो कचरा बंद कंटेनर में जाने से वह नजर नहीं आएगा। उसकी  दुर्गंध नहीं फेलगी। कचरा जगह-जगह बिखरेगा नहीं। साथ ही हाइजनिक तरीके से कचरा परिवहन होने से लोगों को प्रदूषण से भी मुक्ति मिलेगी। कुरैशी ने बताया कि इसके साथ ही जहां कचरा ट्रांसफर स्टेशन से 50 ट्रेक्टर-ट्रॉलियों से कचरा ट्रेचिंग ग्राउंड जाता था। वहीं अब उतना कचरा एक कंटेनर में जाने से परिवहन में भी सुविधा होगी और लोगों को भी अधिक वाहनों के कारण सड़क पर परेशानी नहीं होगी।  गौरतलब है कि शहर से रोजाना करीब 400 टन से अधिक कचरा ट्रेचिंग ग्राउंड पर पहुंचाया जा रहा है। 

किशोरपुरा में संचालित है एक कचरा ट्रांसफर स्टेशन
विश्वकर्मा नगर से पहले नगर निगम कोटा दक्षिण क्षेत्र में किशोरपुरा स्थित धार का अख़ाड़ा के पास  भी एक आधुनिक कचरा ट्रांसफर स्टेशन काम कर रहा है। स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत करीब 5 करोड़ रुपए की लागत से इसका निर्माण कराया गया था। यहां से वर्तमान में सैकड़ों टन कचरे का परिवहन हाईजनिक तरीके से किया जा रहा है। 

Read More कोटा दक्षिण वार्ड 31-गंदगी का अम्बार, नालियां हो रही जाम

उत्तर में नहीं बना एक भी कचरा ट्रांसफर स्टेशन
नगर निगम कोटा दक्षिण में दो आधुनिक कचरा ट्रांसफर स्टेशन बन गए हैं। जिनमें से एक में काम हो रहा है जबकि दूसरे में जल्दी ही काम शुरु हो जाएगा। लेकिन हालत यह है कि कोटा उत्तर निगम क्षेत्र में अभी तक एक भी आधुनिक कचरा ट्रांसफर स्टेशन नहीं बना है। इस कारण से इस निगम का कचरा थेगड़ा स्थित अस्थायी कचरा ट्रांसफर स्टेशन पर जा रहा है। वहां से ट्रेक्टर-ट्रॉली से यह कचरा ट्रेचिंग ग्राउंड जा रहा है। 

इनका कहना है
 नगर निगम कोटा दक्षिण क्षेत्र में एक आधुनिक कचरा ट्रांसफर स्टेशन तो काम कर रहा है। वहीं दूसरा ट्रांसफर स्टेशन विश्वकर्मा नगर में बनकर तैयार हो गया है। उसे इसकी महीने शीघ्र ही चालू कर दिया जाएगा। जिससे कचरे का हाइजनिक तरीके से परिवहन होगा। लोगों को खुले कचरे की दुर्गंध से भी मुक्ति मिलेगी। पर्यावरण की दृष्टि से भी वह लाभदायक है। ट्रेचिंग ग्राउंड पर कंटेनर से कचरा डालने में शुरुआत में परेशानी हो रही थी। उसका समाधान करते हुए वहां सीसी रोड बना दी गई है। अब कंटेनर वहां आगे तक जा सकते हैं।  
- राजपाल सिंह, आयुक्त, नगर निगम कोटा दक्षिण

Post Comment

Comment List

Latest News

महाराष्ट्र के मंत्रियों ने कर्नाटक में प्रवेश की कोशिश की, तो होगी कार्रवाई : सीएम बोम्मई महाराष्ट्र के मंत्रियों ने कर्नाटक में प्रवेश की कोशिश की, तो होगी कार्रवाई : सीएम बोम्मई
बोम्मई ने कहा कि अगर महाराष्ट्र के मंत्री राज्य में प्रवेश करने का प्रयास करते हैं, तो संबंधित अधिकारियों को...
रूस में ईंधन टैंकर में आग लगने से 3 लोगों की मौत
बर्ड फ्लू का प्रकोपः 3 लाख से ज्यादा मुर्गियां मारेगा जापान
अंडर-19 महिला विश्व कप में शेफाली करेंगी भारत की कप्तानी
राहुल की केन्द्र सरकार को समय रहते संभल जाने की हुंकारः गहलोत
कृषि पर्यवेक्षक, ग्राम विकास अधिकारी और पटवारी के पद खाली पड़े, जनता भटक रही
ओवरलोड वाहनों के कारण जर्जर हुईं संपर्क सड़कें