टू फैक्टर ऑथेंटिकेशन 30 से पहले जरूरी,डीमैट खाताधारकों के लिए अनिवार्य

निवेशकों को अपने खाते का टू फैक्टर ऑथेंटिकेशन  जरूर

टू फैक्टर ऑथेंटिकेशन 30 से पहले जरूरी,डीमैट खाताधारकों के लिए अनिवार्य

30 सिंतबर से पहले अपना डीमैट अकाउंट का टू फैक्टर ऑथेंटिकेशन  नहीं करेगा तो उसका अकाउंट लॉक कर दिया जाएगा। ये सर्कुलर स्टॉकब्रोकर्स के लिए साइबर सिक्योरिटी और साइबर रेजीलेंस फ्रेमवर्क पर है।

नई दिल्ली। अगर आप शेयर बाजार में पैसा लगाते हैं और शेयरों में निवेश करते हैं तो आपके पास डीमैट अकाउंट जरूर होगा। डीमैट अकाउंट के बिना शेयर बाजार में ट्रांजैक्शन नहीं की जा सकती है लेकिन एक अक्टूबर से डीमैट अकाउंट के टू फैक्टर ऑथेंटिकेशन अनिवार्य कर दिया जाएगा। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) की ओर से जून में इश्यू किए गए नोटिफिकेशन के मुताबिक, अपने डीमैट खाते को चालू रखने के लिए 30 सितंबर से पहले निवेशकों को अपने खाते का टू फैक्टर ऑथेंटिकेशन  जरूर करना है। अगर कोई 30 सिंतबर से पहले अपना डीमैट अकाउंट का टू फैक्टर ऑथेंटिकेशन  नहीं करेगा तो उसका अकाउंट लॉक कर दिया जाएगा।

खाताधारकों के लिए शेयर की खरीद-फरोख्त के लिए आवश्यक
टू फैक्टर ऑथेंटिकेशन , नॉलेज फैक्टर के साथ बायोमैट्रिक का इस्तेमाल करके कर सकते हैं। मार्केट रेगुलेटर सेबी के 3 दिसंबर 2018 के सर्कुलर की ओर मेंबर्स का ध्यान खींचते हुए ये बताया गया कि ये सर्कुलर स्टॉकब्रोकर्स के लिए साइबर सिक्योरिटी और साइबर रेजीलेंस फ्रेमवर्क पर है। इस सर्कुलर के मुताबिक सभी डीमैट खाताधारकों को टू फैक्टर ऑथेंटिकेशन के लिए अनिवार्य तौर पर कहा गया है। इंटरनेट बेस्ड ट्रेडिंग और वायरलेस टेक्नोलॉजी के जरिए होने वाली ट्रांजैक्शन के लिए मुख्य तौर पर कहा गया है।

क्या है टू फैक्टर ऑथेंटिकेशन
सेबी और एक्सचेंज के ज्वाइंट कंसल्टेशन के मुताबिक, ये साफ किया गया कि यूजर आईडी के अतिरिक्त वन फैक्टर ऑथेंटिकेशन के तौर पर यूजर्स बायोमैट्रिक ऑथेंटिकेशन  का इस्तेमाल कर सकते हैं और सेकंड फैक्टर ऑथेंटिकेशन के लिए इन फैक्टर्स का इस्तेमाल कर सकते हैं। पासवर्ड, पिन, ओटीपी, सिक्योरिटी टोकन ऑथेंटिकेशन ऐप।

बायोमैट्रिक ना होने पर करें ये काम
नोटिफिकेशन में ये भी बताया गया है कि अगर किसी जगह पर बायोमैट्रिक नहीं हो पा रहा है तो यूजर्स नॉलेज फैक्टर और पोजेशन फैक्टर दोनों का इस्तेमाल कर सकते हैं। सर्कुलर में कहा गया है कि क्लाइंट की ओर से इंटरनेट बेस्ड ट्रेडिंग और वायरलेस टेक्नोलॉजी के जरिए हर लॉगिन सेशन पर ये टू फैक्टर ऑथेंटिकेशन  करना जरूरी है। टू फैक्टर ऑथेंटिकेशन कैसे एनेबल करें: टू फैक्टर ऑथेंटिकेशन के लिए खाताधारक को पहले (टाइम बेस्ड वन टाइम पासवर्ड) जनरेट करना होगा। ये अलग तरह का ओटीपी होता है, जो टीओटीपी ऐप के जरिए जनरेट होता है। ये टीओटीपी सिर्फ 30 सेकंड के लिए वैलिड होता है और हर 30 सेकंड में रीजनरेट होता है। 

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