गंदगी के पास परोस रहे भोजन की थाली

जेके लोन अस्पताल : इंदिरा रसोई के बाहर मलबे का ढेर, एक समय बन रहा भोजन

गंदगी के पास परोस रहे भोजन की थाली

आधुनिक शौचालय के पास इंदिरा रसोई होने से वहां भोजन करने वाले भी कम ही आ रहे हैं। अस्पताल परिसर में चल रहे ओपीडी ब्लॉक के काम के कारण रसोई के बाहर ही मलबे का ढेर लगा हुआ है।

कोटा। नगर निगम की ओर से जे.के. लोन अस्पताल में शुरू की गई इंदिरा रसोई को आधुनिक शौचालय के पास संचालित किया जा रहा है। साथ ही रसोई के बाहर मलेबे का ढेर लगा हुआ है। पूरे सामान व संसाधन उपलब्ध नहीं होने से वहां फिलहाल एक समय ही भोजन बनाया जा रहा है।  राज्य सरकार की ओर से दूसरे चरण में रविवार को इंदिरा रसोई शुरू की गई है। पहले चरण में तो एमबीएस अस्पताल में इसका संचालन किया जा रहा है। दूसरे चरण में जे.के. लोन अस्पताल में इसे शुरू किया गया है। लेकिन आनन फानन में एक दिन पहले रसोई को शुरु किया गया। लेकिन उसे जिस जगह पर संचालित किया जा रहा है वह अस्पताल परिसर में बने आधुनिक शौचालय के पास है। 

हालत यह है कि आधुनिक शौचालय की जगह को हैरीटेज लुक देकर उसे बढ़ाया गया है। जिससे वह तो दूर से ही नजर आ रहा है। जबकि इंदिरा रसोई को एक कोने में बनाया गया है। जिससे वह दूर से नजर भी नहीं आ रही है। साथ ही आधुनिक शौचालय के पास होने से वहां भोजन करने वाले भी कम ही आ रहे हैं।  अस्पताल परिसर में चल रहे अपीडी ब्लॉक के काम के कारण रसोई के बाहर ही मलबे का ढेर लगा हुआ है। जिससे भी लोगों को वहां आने-जाने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। रसोई की सुरक्षा के भी कोई पुख्ता इंतजाम नहीं हैं। इंदिरा रसोई का संचालन करने वाली समिति की संचालक साधना चौपड़ा ने बताया कि निगम ने इंदिरा रसोई शुरु करने से एक दिन पहले ही जानकारी दी। आनन फानन में उसे शुरु तो कर दिया लेकिन अभी तक भी पूरे संसाधन नहीं दिए गए हैं। जिनमें फ्रिज, मिक्सी , रोटी बनाने की मशीन समेत अन्य सामान और भोजन बनाने व उसे रखने के लिए मेज व पट्टी तक नहीं है। जिससे नीचे बैठकर ही खाना बनाना पड़ रहा है। साथ ही रसोई में प्रवेश करने की जगह पर गेट तक नहीं होने से जानवर भी अंदर आ रहे हैं। सामान चोरी होने का खतरा बना हुआ है।
 
साधना चौपड़ा ने बताया कि अभी तक सुबह के समय ही भोजन बनाया जा रहा है। जबकि शाम के समय भोजन नहीं बन रहा है। शाम को मरीजों के तीमारदार आ रहे हैं लेकिन उन्हें लौटाना पड़ रहा है। इधर नगर निगम कोटा उत्तर के राजस्व अधिकारी नरेश राठौर का कहना है कि वैसे तो पूरी तयौरी के साथ रसोई को शुरु किया है। लेकिन फिर भी हो सकता है कुछ कमियां रह जाए। उन्हें जल्दी ही पूरा कर दिया जाएगा। रसोई और आधुनिक शौचालय के बीच पर्याप्त दूरी है। दोनों  की एंट्री अलग-अलग है। इंदिरा रसोई की जगह पर भी नया गेट लगाया जाएगा। 

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