बात से नहीं बनी बात!

अमेरिका ने अपने नागरिकों को रूस छोड़ने को कहा

बात से नहीं बनी बात!

एक्शन में पुतिन 1 से 5 मार्च तक रूस का स्टॉक एक्सचेंज बंद

मॉस्को/कीव। यूक्रेन पर रूस की बमबारी मंगलवार को छठे दिन भी जारी है। इस बीच दोनों देशों के बीच जंग खत्म करने के लिए सोमवार को बेलारूस-यूक्रेन बॉर्डर पर करीब साढ़े तीन घंटे बातचीत हुई। यह वार्ता बेनतीजा रही। दो दिन बाद दूसरे दौर की बातचीत होगी। दूसरी तरफ रूसी राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन परमाणु हथियारों के इस्तेमाल की तैयारी कर रहे हैं। एटमी कमांड वाली यूनिट की छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं और इन्हें हमले की तैयारी करने के आदेश दिए गए हैं। तमाम न्यूक्लियर मिसाइलें फायरिंग मोड पर कर दी गई हैं। स्टाफ  को स्टैंडबाय पर रहने को कहा गया है। रूस ने दावा किया है कि उसने यूक्रेन के हवाई क्षेत्र पर कब्जा कर लिया है। रूस ने सोमवार को यूक्रेन में छह मिसादलें दागीं और चार हवाई हमले किए। इस बीच अमेरिका ने अपने नागरिकों को तुरंत रूस छोड़ने को कहा। मंगलवार को भी यूक्रेन पर रूस की ओर से भीषण हवाई हमले जारी है। कीव और खारकीव पर रूस की सैना द्वारा भीषण हमला जारी है। रूस की ओर से यूक्रेन के सैन्य ठिकानों पर भी हमला किया जा रहा है। हमले में मंगलवार के दिन भी यूक्रेन के 70 सैनिकों की मौत की खबर है।  ओख्तिर्का के सैन्य ठिकानों पर भी गोलाबारी हुई है।

यूक्रेन ने रूस के 5300 सैनिक मारने का दावा किया
ब्रिटेन रक्षा मंत्रालय ने सोमवार को कहा कि ऐसे संकेत मिल रहे हैं कि पिछले पांच दिनों में रूस और यूक्रेन युद्ध में बड़ी तादाद में रूसी सैनिक हताहत हुए है। यूक्रेन ने कहा है कि युद्ध में अब तक 5,300 रूसी सैनिक मारे गए हैं। इस बीच रूसी रक्षा मंत्रालय ने रविवार को स्वीकारा कि युद्ध के दौरान उनके कई रूसी सैनिक मारे गए और घायल भी हुए है, लेकिन उन्होंने वास्तिवक संख्या नहीं बताई।

चेर्नीव और खारकिव के पास भारी जंग
रूस की सेना कीव के उत्तर में 30 किमी से अधिक की दूरी पर है। यहां से लोगों का पलायन जारी है। यूक्रेनी बल रूसी सेना के आगे बढ़ने पर अभी लगाम लगा रही है। चेर्नीव और खारकिव के आसपास भारी जंग जारी है।

रूसी सैनिक जल्द से जल्द यूक्रेन छोड़ें: जेलेंस्की
 यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की ने सोमवार को रूस के सैनिकों से जल्द से जल्द यूक्रेन छोड़ देने के लिए कहा है। जेलेंस्की ने अपने एक वीडियो संबोधन में यह चेतावनी दी।

एक्शन में पुतिन  1 से 5 मार्च तक रूस का स्टॉक एक्सचेंज बंद
रूसी नागरिकों के विदेश में पैसा भेजने पर रोक
पुतिन-मैंक्रों में बातचीत
पुतिन की तीन शर्तें :
1. यूक्रेन का विसैन्यीकरण हो
2. क्रीमिया पर रूस के प्रभुत्व को मिले मान्यता
3. यू्क्रेन तटस्थ देश रहे

खेलों पर भी असर
आईओसी ने की रूस- बेलारूस के खिलाड़ियों पर बेन की सिफारिश
अंतरराष्ट्रीय फुटबाल और शतरंज महासंघ रूस में नहीं कराएंगे कोई भी प्रतियोगिता

परमाणु हथियारों के इस्तेमाल की तैयारी में पुतिन
यूक्रेन-रूस युद्ध का पांचवां दिन: रूस ने 6 मिसाइलें दागीं, 4 हवाई हमले किए
यूक्रेन-रूस युद्ध का पांचवां दिन: रूस ने 6 मिसाइलें दागीं, 4 हवाई हमले किए

ऑपरेशन गंगा
सोमवार को दो फ्लाइट आई, अब तक 8 हजार भारतीय लौटे
विशेष दूत बनकर यूक्रेन बॉर्डर पर जाएंगे चार मंत्री
नई दिल्ली। यूक्रेन-रूस के बीच जारी जंग के बीच वहां फंसे भारतीय छात्रों को लाने के मिशन पर मोदी सरकार तेजी से काम कर रही है। छात्रों और भारतीय नागरिकों को वापस लाने के लिए मोदी सरकार ने ‘आॅपरेशन गंगा’ मिशन शुरू किया है। जिसके मद्देनजर मोदी सरकार के चार मंत्रियों विशेष दूत बनकर यूक्रेन बॉर्डर से लगे पांच देशों में जाएंगे। केन्द्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी को हंगरी, किरण रिजिजू को स्लोवाकिया, ज्योतिरादित्य सिंधिया को रोमानिया और मॉलडोवा एवं जनरल वीके सिंह को पोलैंड भेजा जा रहा है।

यूक्रेन से आ रहे छात्रों को कोविड नियमों में छूट
सरकार ने यूक्रेन से आ रहे छात्रों के लिए कोविड नियमों में छूट दी है। फ्लाइट में बैठने से पहले आरटीपीसीआर निगेटिव होने की शर्त को हटा लिया गया है। वहीं कोरोना वैक्सीनेशन सर्टिफिकेट नहीं देना होगा। इसके अलावा एयर सुविधा पोर्टल पर दस्तावेज अपलोड भी नहीं करने होंगे।


मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री एवं विदेश मंत्री को लिखा पत्र
भारतीय नागरिकों से सम्पर्क कर उनकी सकुशल वापसी के लिए हों प्रयास
 जयपुर। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं विदेश मंत्री एस. जयशंकर को पत्र लिखकर आग्रह किया है कि यूके्रन में फंसे भारतीय नागरिकों एवं छात्र-छात्राओं की वहां से सुरक्षित एवं शीघ्र निकासी के लिए यूक्रेन, रूस, पोलैंड, बेलारूस और रोमानिया की सरकारों से बात की जाए। उन्होंने कहा कि इन देशों में स्थित दूतावासों के माध्यम से भारतीय छात्र-छात्राओं से निरंतर सम्पर्क स्थापित किया जाए, ताकि उन्हें यह विश्वास हो कि वे सकुशल एवं सुरक्षित वतन लौटेंगे। गहलोत ने पत्र में लिखा कि यूके्रन में अभी भी बड़ी संख्या में छात्र रेस्क्यू का इंतजार कर रहे हैं। कीव और खारकीव में रह रहे कुछ भारतीय नागरिकों एवं छात्र-छात्राओं से उनकी स्वयं वीडियो कॉल के माध्यम से बात हुई। इस दौरान वहां की परिस्थितियों की जानकारी ली एवं उनकी हौंसला अफजाई करते हुए सकुशल वतन वापसी की दिशा में हरसंभव मदद का भरोसा दिलाया। मुख्यमंत्री ने पत्र में लिखा कि यूक्रेन में युद्ध की विषम परिस्थितियों में भारत सरकार भारतीय दूतावासों के माध्यम से वहां फंसे भारतीयों को निकालने का प्रयास कर रही है। अभी भी बड़ी संख्या में भारतीय लोग वहां फंसे हुए हैं। उन्होंने कहा कि भारत सरकार की ओर से यूके्रन से सभी भारतीय नागरिकों की सुरक्षित एवं सकुशल वापसी की दिशा में हरसंभव प्रयास किए जाएं। दूतावासों के अधिकारी भी भारतीय नागरिकों से निरन्तर सम्पर्क स्थापित करें ताकि उन्हें संबल मिल सके।

देशमुख ने फंसे विद्यार्थियों से मुलाकात की
गहलोत ने ट्वीट कर कहा कि एक दिन पहले फोन पर बात होने के बाद यूक्रेन के कीव में भारतीय दूतावास के डिफेंस अटैची कोमोडोर संजय देशमुख ने वहां फंसे विद्यार्थियों से मुलाकात की। देशमुख ने अवगत करवाया कि युद्ध के कारण परिवहन व्यवस्था बिगड़ी हुई है, इसलिए इन विद्यार्थियों को निकालने में अतिरिक्त समय लग रहा है। भारतीय दूतावास जल्द से जल्द सभी विद्यार्थियों को वहां से निकालने का प्रयास कर रहा है। इसके लिए ट्रेन के इंतजाम भी किए जा रहे हैं। मैं आशा करता हूं कि हमारे सभी भारतीय सुरक्षित देश वापस लौट आएंगे।

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