टाइगर-लॉयन को मल्टी विटामिन तो भालू खा रहा गुड़ व पिंड खजूर

बायोलॉजिकल पार्क में शाकाहारी वन्यजीवों की मौज

टाइगर-लॉयन को मल्टी विटामिन तो भालू खा रहा गुड़ व पिंड खजूर

सर्दियों की शुरुआत के साथ ही शाकाहारी व मांसाहारी वन्यजीवों के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं।

कोटा। सर्दी के तेवर तीखे होने के साथ ही अभेड़ा बायॉलोजिकल पार्क में वन्यजीवों के रहन-सहन व डाइट प्लान भी बदल गया है। सुबह-शाम हो रही गलन व सर्द हवाओं के झौंके से बचाव के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं। एनक्लोजर व पिंजरों में वन्यजीवों को गर्माहाट देने के लिए जहां चावल की पराल बिछाई जा रही है, वहीं इंफेक्शन से बचाव के लिए हल्दी का छिड़काव भी किया जा रहा है। साथ ही खुराक भी बढ़ा दी गई है। सर्दियों का शेडयूल लागू होते ही शाकाहारी व मांसाहारी वन्यजीवों की मौज हो गई। उन्हें वीआईपी ट्रीटमेंट दिया जा रहा है। मांसाहारियों को उबला हुआ मांस के अलावा मल्टीविटामिन, मल्टी मिनरल्स, कैल्शियम परोसा जा रहा है। जबकि, शाकाहारी ताजी सब्जियों के साथ पशुआहार, मौसमी फल, गुड़ व अजवाइन का लुफत उठा रहे हैं। वहीं, भालू  दूध, दलिया, फल, शहद और पिंडखजूर की दावत उड़ा रहे हंै। 

बायोलॉजिकल पार्क में हैं 79 वन्यजीव 
बायलॉजिकल पार्क में मांसाहारी व शाकाहारी मिलाकर कुल 79 वन्यजीव हैं। मांसाहारी में लॉयनेस- 1, बाघ-बाघिन- 2, भेड़िया-4, सियार-5, भालू-1, लेपर्ड-2, जरख-3 है। वहीं, 1 मादा भालू है। इसी तरह शाकाहारी में नीलगाय-12, चिंकारा-5, चितल 27, ब्लैक बक 17 है। यहां एक सांभर भी था, जिसकी गत माह पहले मृत्यु हो गई। 

सर्दी से बचाव - मांसाहारी में लगाए हिटर, शाकाहारी में बिछाई पराल
अभेड़ा बायोलॉजिकल पार्क के वरिष्ठ वन्यजीव चिकित्सक डॉ. विलास राव गुल्हाने ने बताया कि सर्दियों की शुरुआत के साथ ही शाकाहारी व मांसाहारी वन्यजीवों के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं। सभी वन्यजीवों के नाइट शेल्टरों में पर्दें लगवा दिए गए हैं। लॉयन, टाइगर, जरख, सियार, भेडिया व भालू के नाइट शेल्टर से 10 फीट की दूरी पर हीटर लगाए गए हैं। साथ ही खिड़कियों पर पर्दे व फर्श लगाए गए हैं ताकि, सर्द हवाओं से बचाव हो सके। इसी तरह शाकाहारी वन्यजीवों के नाइट शेल्टर में चावल की पराल बिछाई गई है और पर्दे लगाए गए हैं। 

मांसाहारी का डाइट प्लान - शेर-बाघ को 10 किलो मांस के साथ मल्टी विटामिन
डॉ. गुल्हाने ने बताया कि लॉयनेस व बाघ-बाघिन को 8 किलो पाड़ा मांस और 4 किलो मुर्गा (प्रति एनिमल) दिया जा रहा है। इसके अलावा मल्टी विटामिन, मल्टी मिनरल्स व लीवर टॉनिक व कैल्शियम अलग से दिए जा रहे हैं। यह सप्लीमेंट्स 10 एमएल पर-डे मांस के टुकड़ों पर मिलाकर दिया जा रहा है। इससे शरीर में ऊर्जा का संचार बेहतर होने के साथ पाचन तंत्र भी मजबूत होगा। 
भेडिया : 2 किलो प्रति पाड़ा मांस व 5 एमएल सप्लीमेंट्स (प्रति भेड़िया)
सियार : 1 किलो मांस प्रति सियार व सप्लीमेंट्स
जरख :  2 किलो मांस प्रति एनिमल्स व सप्लीमेंट्स

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ढाई किलो फल के साथ पिंड खजूर खा रहा भालू
सर्दियों में सबसे ज्यादा मजे भालू के हैं। यहां एक ही 2 वर्षीय मादा भालू है, जिसे डाइट में प्रतिदिन 2 किलो फल, 1.25 किलो दलिया, 1.5 लीटर दूध, 20 ग्राम शहद, 100 ग्राम गुड, 50 ग्राम पिंड खजूर  प्रतिदिन डाइट में दिए जा रहे हैं। साथ ही मल्टीविटामिन, कैल्शियम व मिनरल्स भी दिए जाते हैं। 

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इंफेक्शन से बचाव के भी उपाए
बायॉलोजिकल पार्क में तैनात कर्मचारियों ने बताया कि शाकाहारी व मांसाहारी वन्यजीवों के एनक्लोजर और नाइट शेल्टरों में हल्दी का छिड़काव किया जा रहा है। हल्दी की तासीर गर्म होने के साथ एंटी बायटिक भी रहती है। यदि, उनके शरीर पर कोई चोट लग जाए तो हल्दी लगने से इंफेक्शन नहीं होगा। सुबह धूप निकलने पर बड़े एनिमल अपने बाड़ों से बाहर आ रहे हैं। ऐसे में पर्यटकों को सुबह से शाम तक शाकाहारी व मांसाहारी वन्यजीवों की साइटिंग हो रही है। 

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कैल्शियम खा रहा पैंथर 
बायोलॉजिकल पार्क में मांसाहारी वन्यजीवों की डाइट में हैल्दी पोषक तत्व शामिल किए गए हैं। यहां 2 लेपर्ड हैं। मेल लेपर्ड को 3.5 किलो व फिमेल लेपर्ड को 2.5 किलो मांस प्रतिदिन दिया जा रहा है। इसके अलावा मल्टी विटामिन व कैल्शियम दिया जा रहा है। इसी तरह सभी 5 सियार को एक-एक किलो के हिसाब से प्रतिदिन 5 किलो मांस परोसा जा रहा है। वहीं, प्रत्येक भेड़िए को 2 किलो के हिसाब से चारों को रोजाना 8 किलो तथा तीनों हायना को 2 किलो के हिसाब से 6 किलो मीट प्रतिदिन खिलाया जा रहा है। वहीं, सर्दी से बचाव के लिए पिंजरों से 10 फीट की दूरी पर हीटर लगाए गए हैं।  

इनका कहना है
सर्दी की शुरुआत होने के साथ ही बायोलॉजिकल पार्क में मौजूद सभी वन्यजीवों की डाइट में परिवर्तन कर दिया गया है। इन दिनों वन्यजीवों की खुराक बढ़ जाती है। डाइट में जरूरी पोषक तत्वों को शामिल कर जरूरत के मुताबिक उनकी मात्रा में बढ़ोतरी की गई है। सर्दी का यह शेड्यूल फरवरी तक जारी रहेगा। सबसे ज्यादा बदलाव शाकाहारी वन्यजीवों की डाइट में किया जाता है। हरी सब्जियों के साथ गुड़, अजवाइन, मल्टीविटामिन, मिनरल्स कैल्शियम भी दिया जा रहा है। हालांकि, यह सप्लीमेंट मांसाहारी को भी दिया जा रहा है। इसके अलावा  सर्द हवाओं से बचाव के लिए नाइट शेल्टर के पास हीटर लगा दिए गए हैं।  
- डॉ. विलास राव गुलहाने, वन्यजीव चिकित्सक अभेड़ा बायोलॉजिकल पार्क 

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