छह माह से नहीं मिल रहा गरीबों को निवाला

अन्नपूर्णा फूड पैकेट योजना के हाल: जरूरतमंदों को इंतजार करना पड़ रहा भारी

छह माह से नहीं मिल रहा गरीबों को निवाला

एक पैकेट की कीमत लगभग 360 रुपए थी।

कमोलर। पिछली सरकार द्वारा जरूरतमंद परिवारों को राहत दिलाने की मंशा से शुरू की गई अन्नपूर्णा फूड पैकेट योजना नई सरकार बनने के बाद से ही लगभग छह माह से बंद पड़ी हुई है। जिससे गरीब व जरूरत मंद परिवारों के सामने आर्थिक संकट उत्पन्न हो गया है। जानकारी के अनुसार वर्तमान सरकार लंबे समय से इस योजना पर कुण्डली मारे बैठी है। हालत यह है कि नवंबर के बाद से इस योजना में लाभार्थियों को खाद्य सामग्री नहीं बंटी है। ऐसे में पात्र व्यक्तियों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। जिले में अंतिम बार नवंबर माह में करीब आधे लाभार्थियों को खाद्य सामग्री का वितरण किया गया था। इसके बाद से योजना पर ब्रेक लगा दिया गया है। खाद्य सुरक्षा सूची में शामिल परिवारों को अगस्त-2023 में इस योजना में फूड पैकेट वितरण शुरू हुआ था। लाभार्थी परिवारों को अक्टूबर 2023 तक नियमित फूड पैकेट मिलते रहे। लेकिन अक्टूबर माह में चुनाव घोषित होने के बाद आचार संहिता के कारण नवंबर माह में जिले में करीब आधे लाभार्थियों को ही फूड पैकेट मिल पाए थे। इसके बाद से फूड पैकेट मिलना बंद हो गए हैं।

योजना को लेकर संशय 
जानकारी के अनुसार योजना की शुरूआत में रसद विभाग की ओर से जिले में चयनित लाभार्थियों को अन्नपूर्णा फूड पैकेट वितरण का लक्ष्य रखा गया था। इनमें से नवंबर माह में पैकेट का वितरण किया गया। लेकिन अब तक राज्य सरकार की ओर से इस योजना पर कोई विचार नहीं किया गया है। इस योजना के तहत नवंबर में भी कई लाभार्थी परिवार फूड पैकेट से वंचित रह गए। इसके बाद से सरकार की ओर से अभी तक सप्लाई नहीं हुई। नई सरकार में योजना संचालित होगी या नहीं, इस पर संशय बना हुआ है। संबंधित विभाग के अधिकारियों का कहना है कि योजना को फिर से चालू करने के संबंध में सरकार से कोई गाइड लाइन नहीं आई है।

15 अगस्त 2023 को शुरू हुई थी योजना 
राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना के तहत तत्कालीन सरकार ने लाभांवित परिवारों को 15 अगस्त से प्रति महीने मुख्यमंत्री नि:शुल्क अन्नपूर्णा फूड पैकेट योजना का वितरण शुरू किया था। इसके बाद जिले में खाद्य सुरक्षा योजना के तहत चयनित परिवारों को फूड पैकेट मिलना शुरू हो गए थे। लेकिन नवंबर माह में कमोलर, बपावर, खड़िया, दिल्लीपुरा, दीगोद आदि पंचायतों के लाभार्थियों को इस योजना का लाभ नहीं मिला।

पैकेट में यह मिली थी सामग्री
मुयमंत्री अन्नपूर्णा फूड पैकेट में एक किलो चने की दाल, एक किलो चीनी, एक किलो नमक, सौ ग्राम मिर्च पैकेट, सौ ग्राम धनिया, पचास ग्राम हल्दी और एक लीटर तेल की बोतल दी जाती थी। एक पैकेट की कीमत लगभग 360 रुपए थी।

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इनका कहना
पहले इस योजना से गरीब परिवारों को हर महीने फूड पैकेज से हर चीज मिलने से महीने भर का पर्याप्त मात्रा में राशन प्राप्त हो जाता था। महीने भर किसी भी चीज की आवश्यकता नहीं पड़ती थी। सरकार इस योजना को दुबारा शुरू करे। 
- धापू बाई, लाभार्थी

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गरीबों के लिए अच्छी योजना थी। गरीब परिवारों को फूड पैकेट मिलने से महीने भर तक अन्य चीजों की आवश्यकता नहीं होती थी। नवंबर के बाद से कोई पैकेट नहीं मिला है।
- बंशीलाल मीणा, नयापुरा

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इस योजना की जानकारी हमारे पास नहीं है। इसके बारे में रसद विभाग ही बता सकता है। 
- रामावतार मीणा, एसडीएम, सांगोद

हमने नवंबर तक सभी बचे हुए फूड पैकेट बांट दिए थे। उसके बाद राज्य सरकार की ओर से अभी तक कोई सूचना नहीं मिली है। इस योजना से गरीब परिवारों का पालन पोषण हो जाता है। योजना को वापस शुरू किया जाए तो अच्छी बात है। 
- रामस्वरूप नागर, उचित मूल्य प्रभारी, कमोलर

आचार संहिता के चलते अभी तक हमारे पास इस योजना के बारे में सूचना नहीं है। जैसे ही राज्य सरकार की ओर से सूचना प्राप्त होगी, लोगों को सूचना के माध्यम से अवगत करा दिया जाएगा। 
- पुष्पा हरवानी, जिला रसद अधिकारी, कोटा 

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