मुंबई में बड़ी साजिश नाकाम: मुहर्रम जुलूस में ज़हरीले कैप्सूल बांटने वाला गिरफ्तार, पूछताछ में 15 हजार लोगों को मारने की साजिश का दावा
महिला की सतर्कता से टली बड़ी अनहोनी
मुंबई। दक्षिण मुंबई में मुहर्रम के जुलूस के दौरान ज़हर भरे कैप्सूल बांटने के आरोप में गिरफ्तार किए गये पुणे के आरोपी व्यक्ति ने पूछताछ के दौरान कबूल किया कि वह 'कम से कम 15,000 लोगों' को मारना चाहता था। एक जांच अधिकारी ने रविवार को यह जानकारी दी।अब पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या इस मामले का कोई अंतरराष्ट्रीय संबंध या संभावित आतंकी पहलू है, क्योंकि आरोपी गिरफ्तारी से पहले ईरान और इराक की यात्रा कर चुका है।अधिकारी ने कहा कि केंद्रीय और राज्य एजेंसियां भी जांच में शामिल हो गयी हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, फैयाज निसार हुसैन प्रेमजी को शुक्रवार को बायकुला में मुहर्रम आशूरा जुलूस के दौरान अत्यधिक जहरीले रसायन जिंक फॉस्फाइड से भरे कैप्सूल बांटते हुए गिरफ्तार किया गया था। प्रेमजी ने बैचलर ऑफ बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन (बीबीए) की उपाधि हासिल की है। जांचकर्ताओं ने बताया कि काम के सिलसिले में विदेश जाने से पहले वह अपने पिता की कंपनी में काम करता था। पुलिस ने खुलासा किया कि प्रेमजी ने अतीत में ईरान और इराक में काम किया था, जबकि उसका परिवार अभी ईरान में रहता है। अधिकारियों ने बताया कि वह अपनी पत्नी से अलग रह रहा है। मुहर्रम जुलूस से लगभग 15 दिन पहले प्रेमजी मुंबई आया और डोंगरी के एक लॉज में ठहरा।
इस दौरान उसने ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से लगभग 50 किलोग्राम जिंक फॉस्फाइड (एक घातक रसायन जिसका उपयोग आमतौर पर चूहे के जहर के रूप में किया जाता है) और लगभग 30,000 खाली एंटीबायोटिक कैप्सूल मंगवाए थे। घटना के दिन, 25 जून को प्रेमजी ने यह दावा करते हुए कैप्सूल बांटे कि वे दर्द निवारक और इम्युनिटी बढ़ाने वाली दवाएं हैं। कुछ मामलों में उसने लोगों को उन्हें खाने के लिए प्रोत्साहित करने के लिए उन्हें 'चॉकलेट' कहकर भीड़ में फेंका।
रे रोड पर रहमतबाद कब्रिस्तान के पास मुफ्त में बांटे जा रहे उन कैप्सूल को लेकर एक महिला को शक हुआ, जिसके बाद कथित साज़िश का पता तब चला। बताया जा रहा है कि उसने एक कैप्सूल खोला और उसके अंदर अजीब पाउडर पाया, जिसके बाद उसने तुरंत बायकुला पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने तुरंत प्रेमजी को हिरासत में ले लिया और मौके से लगभग 14,900 कैप्सूल बरामद किए। अधिकारियों ने बताया कि लगभग 11 लोगों ने पहले ही कैप्सूल खा लिए थे और बाद में बीमार पड़ गए। सभी पीड़ितों को तुरंत अस्पताल ले जाया गया और समय पर इलाज मिलने के बाद अब वे खतरे से बाहर बताए जा रहे हैं। डॉक्टरों ने कहा कि जिंक फॉस्फाइड एक बेहद खतरनाक ज़हर है। शरीर में जाने के बाद, यह पेट के एसिड के साथ प्रतिक्रिया करके फॉस्फीन गैस बनाता है, जो दिल, फेफड़ों, लिवर और दिमाग को गंभीर रूप से नुकसान पहुंचा सकती है। रिपोर्ट के अनुसार, चिकित्सा विशेषज्ञों ने कहा कि इस ज़हर का कोई सीधा एंटीडोट (इलाज) उपलब्ध नहीं है। प्रेमजी को शनिवार रात अदालत में पेश किया गया, जिसने उसे दो दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया।

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